राम मंदिर दान चोरी आरोप: निष्पक्ष जांच के लिए ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से SIT जांच कराने का किया अनुरोध

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर दान चोरी प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का अनुरोध किया है. ट्रस्ट का कहना है कि मामले को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच पूरी सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है.

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राम मंदिर दान प्रकरण में SIT जांच की मांग की गई है (Photo: PTI) राम मंदिर दान प्रकरण में SIT जांच की मांग की गई है (Photo: PTI)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ, उत्तर प्रदेश,
  • 13 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राम मंदिर में जो पैसा भक्त दान करते हैं, उसकी कथित तौर पर चोरी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में विवाद इतनी तेजी से फैलीं कि अब खुद राम मंदिर का ट्रस्ट मैदान में आ गया है. ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की जांच एक SIT यानी विशेष जांच दल से करवाई जाए.

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राम मंदिर में श्रद्धालु जो पैसे दान करते हैं, उन्हें दान पात्रों में डाला जाता है. ये दान पात्र यानी वो बक्से या डिब्बे जिनमें भक्त पैसे डालते हैं. इन्हीं दान पात्रों से पैसे चोरी होने की बात कही जा रही है.

अब इस कथित चोरी को लेकर बाजार में तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं. कोई कुछ कह रहा था, कोई कुछ. इन अफवाहों ने मामले को और उलझा दिया और लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई.

इसी वजह से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, जो राम मंदिर की देखरेख करने वाला सरकारी ट्रस्ट है, उसने तय किया कि अब चुप रहना ठीक नहीं है. ट्रस्ट ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अनुरोध किया.

ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी से क्या अनुरोध किया?

ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी से तीन बातें मांगी हैं. पहली - इस पूरे मामले की जांच एक SIT यानी से करवाई जाए. SIT एक खास जांच दल होती है जो किसी बड़े मामले की गहराई से, बिना किसी दबाव के जांच करती है.

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दूसरी - यह जांच निष्पक्ष हो यानी बिना किसी की तरफदारी के हो और पूरी तरह से सच सामने आए.

तीसरी - जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. ट्रस्ट ने साफ कहा कि दोषियों को बख्शा न जाए.

SIT जांच की मांग क्यों?

ट्रस्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर माना है. राम मंदिर की दान राशि से जुड़ा यह मामला सिर्फ पैसों की चोरी नहीं है, बल्कि यह भक्तों की आस्था और भरोसे का सवाल भी है. करोड़ों लोग इस मंदिर में श्रद्धा से दान करते हैं. ऐसे में अगर उस दान की चोरी होती है और उस पर अफवाहें भी फैलती हैं, तो यह बेहद संवेदनशील मामला बन जाता है.

ट्रस्ट चाहता है कि SIT जांच से यह बात एकदम साफ हो जाए कि आखिर हुआ क्या था, कितनी चोरी हुई, कौन जिम्मेदार है और इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाने चाहिए.

मुख्यमंत्री योगी से अनुरोध क्यों?

उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी का राम मंदिर से गहरा जुड़ाव है. अयोध्या और राम मंदिर उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक रही है. SIT का गठन करना राज्य सरकार के अधिकार में आता है, इसलिए ट्रस्ट ने सीधे मुख्यमंत्री योगी से यह अनुरोध किया.

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