अगर आप सेकेंड हैंड कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ये यह खबर आपके लिए है. दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे शातिर और अनोखे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बैंक लोन या फाइनेंस विवाद वाली कारों को बेचकर बाद में उन्हीं कारों को चोरी कर दोबारा बेच देता था. इस गिरोह में एक कार डीलर भी शामिल था. पुलिस ने डीलर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सेकेंड हैंड कारों की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों को चूना लगाता था. आरोपी डीलर पहले बैंक लोन डिस्प्यूट या फाइनेंस वाली कारों को बेहद सस्ते दामों पर खरीद लेता था. इसके बाद वह वही कार किसी अन्य ग्राहक को बेच देता था, लेकिन जानबूझकर गाड़ी का आरसी ट्रांसफर नहीं कराता था.
बैंक लोन विवाद वाली कारें बेचकर दोबारा चोरी करता था गिरोह
इतना ही नहीं, कार बेचने से पहले आरोपी गाड़ी में अपना GPS डिवाइस लगवा देता था और उसकी डुप्लीकेट चाबी भी बनवा लेता था. कुछ समय बाद, अपने साथियों की मदद से आरोपी उसी GPS लोकेशन और डुप्लीकेट चाबी के जरिए कार को चोरी करवा लेता था. चूंकि गाड़ी का आरसी ट्रांसफर पीड़ित के नाम पर नहीं होता था, इसलिए कानूनी रूप से मामला उलझ जाता था और आरोपी तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर बच निकलते थे.
GPS और डुप्लीकेट चाबी से कार गायब कर देता था शातिर डीलर
नोएडा के थाना सेक्टर-113 क्षेत्र में एक पीड़ित ने अपनी कार चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्फाबाद चौकी इंचार्ज विशाल गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की. गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया.
पुलिस ने डीलर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई टाटा नेक्सॉन कार और एक कार की चाबी बरामद की गई है. पूछताछ में आरोपियों ने इस तरह की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है. फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी कारों के साथ इसी तरह की ठगी की है.
भूपेन्द्र चौधरी