'अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद को जेल जाने से कोई नहीं रोक सकता', यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा

प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज पॉक्सो एफआईआर के बाद अब वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने पुलिस अधिकारी के साथ वायरल फोटो को AI जनित बताते हुए स्वामी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं कोर्ट में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफिडेविट दाखिल किए हैं.

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी (Photo- Screengrab) स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी (Photo- Screengrab)

पंकज श्रीवास्तव

  • प्रयागराज ,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST

प्रयागराज के झूंसी थाने में एडीजे पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण की एफआईआर दर्ज हुई है. वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने 25 फरवरी 2026 के आसपास बयान जारी कर दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं जो आरोपियों को जेल पहुंचाएंगे. उन्होंने पुलिस अधिकारी के साथ अपनी वायरल फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी फर्जी तस्वीर करार दिया. यह कानूनी विवाद नाबालिग शिष्यों के शोषण के आरोपों और एक-दूसरे के आपराधिक इतिहास को लेकर शुरू हुआ है. आशुतोष ने इसे 'धार्मिक लड़ाई' बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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अपराधी होने के दावों पर छिड़ी रार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी को आपराधिक इतिहास वाला व्यक्ति बताया था. इसके जवाब में आशुतोष ने चुनौती दी है कि स्वामी कोई भी ऐसा अदालती सबूत पेश करें जो उन्हें अपराधी साबित करे. आशुतोष का कहना है कि उनके खिलाफ 21 मुकदमों की जो लिस्ट वायरल की गई है, वह पूरी तरह फर्जी है और पुलिस ने भी ऐसी किसी सूची की पुष्टि नहीं की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद पीड़ित नहीं बल्कि केवल एक 'सूचनाकर्ता' हैं जो बटुकों (बच्चों) को न्याय दिलाना चाहते हैं.

यह भी पढ़ें: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने पर 21 लाख का इनाम

अखिलेश यादव पर निशाना और 'सनातन न्याय यात्रा'

बातचीत के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तुलना 'कालनेमी' से की. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी एक डिप्टी सीएम के इशारे पर माघ मेले में धरने पर बैठे थे, जिसकी जांच के लिए डीजीपी को पत्र भेजा गया है. आशुतोष ने घोषणा की है कि वे जल्द ही 'सनातन न्याय यात्रा' निकालेंगे ताकि स्वामी की असलियत जनता के सामने ला सकें. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ गवाहों को डराया जा रहा है और झूठी साजिशें रची जा रही हैं.

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यह भी पढ़ें: अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज FIR में जांच शुरू, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी और पीड़ित शिष्यों का बयान लेगी पुलिस

कोर्ट में एफिडेविट की जंग और अगली तारीख

बीते शुक्रवार को एडीजे पॉक्सो कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान स्वामी मुकुंदानंद के वकील ने 104 पेज का एफिडेविट दाखिल किया. इसमें आशुतोष पर 27 मुकदमे होने का दावा करते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 22 और 23 के तहत कार्रवाई की मांग की गई. आरोप है कि आशुतोष ने पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक की है. वहीं, आशुतोष ने इन दावों को झूठा बताते हुए कोर्ट से मोहलत मांगी है और 'इन पर्सन' यानी खुद बहस करने की इच्छा जताई है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च के बाद होगी.

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