Uttar Pradesh News: मेरठ के थाना खरखौदा पुलिस ने दो सप्ताह पहले राजस्व टीम द्वारा की गई जमीन की पैमाइश के बाद थाने की सरकारी संपत्ति पर बनी एक मस्जिद को हटाने के लिए नोटिस जारी किया है. थाना परिसर में नए सरकारी आवासीय भवनों का निर्माण कार्य शुरू होना है, जिसके कारण पुलिस प्रशासन ने रिकॉर्ड के आधार पर यह सख्त कानूनी कदम उठाया है.
पुलिस ने राजस्व रिपोर्ट के हवाले से मस्जिद प्रबंधन से संबंधित मालिकाना हक के दस्तावेज मांगे हैं और तय समय में जवाब न मिलने या कागजात न दिखाने पर प्रशासनिक सहायता से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है.
राजस्व पैमाइश में हुआ खुलासा
राजस्व विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, खसरा नंबर 1217 के तहत आने वाली 1.6450 हेक्टेयर क्षेत्र की यह पूरी जमीन खरखौदा थाने की संपत्ति के रूप में आवंटित है. इस सरकारी जमीन पर आवासीय इमारत बनाने के लिए जब दो सप्ताह पहले राजस्व विभाग की टीम ने पूरी पैमाइश की, तब रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि थाने की जमीन के पिछले हिस्से पर मस्जिद का निर्माण पहले से किया गया है.
इमाम का दावा और पुलिस की मोहलत
इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मस्जिद के इमाम को थाने बुलाकर जमीन से जुड़े जरूरी कागजात मांगे. पूछताछ में इमाम ने इस जमीन को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया, लेकिन वे तुरंत कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके. मेरठ के एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान इस अतिक्रमण का पता चला है और माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जा रही है. इमाम को 7 दिन की मोहलत दी गई है.
उस्मान चौधरी