कानपुर: गैंगरेप केस को पुलिस ने बना दिया छेड़छाड़ का मामला, लड़की ने कहा- मेरा नार्को टेस्ट कराओ

यूपी के कानपुर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. गैंगरेप की एक पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने गैंगरेप के केस को छेड़छाड़ का मामला बना दिया. अब पीड़ित ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की है. उसने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप भी लगाया है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

रंजय सिंह

  • कानपुर,
  • 03 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 8:23 AM IST

कानपुर में एक नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. दरअसल बर्रा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की अपनी सहेली के घर से किताब लेकर लौट रही थी और उसी दौरान उसको मोहल्ले के चार लड़के उठाकर ले गए और 2 दिनों तक किसी अज्ञात जगह पर गैंगरेप करते रहे.

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आरोपियों ने इस गैंगरेप की घटना का वीडियो भी बनाया. नाबालिग की मां ने बर्रा थाने में 14 जनवरी की रात को ही पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी. आरोपियों को जैसे ही लड़की के घरवालों के पुलिस तक पहुंचने की खबर मिली उन्होंने 16 तारीख को लड़की को सड़क पर छोड़ दिया. पुलिस ने लड़की को सड़क से बरामद कर लिया.

लड़की का आरोप है कि उसके कपड़े खून से सने हुए थे. उसे नहलाकर एक लड़के ने अपने कपड़े पहना दिये और उसे भेज दिया. पुलिस नाबालिग लड़की को लेकर थाने पहुंची. पीड़ित के मुताबिक उसे थाने में पुलिसकर्मियों ने धमकी देते हुए कहा, 'कह देना कि हम खिचड़ी खा रहे थे, बाकी बात किसी को मत बताना.

रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद पुलिस ने लड़की को उसकी मां को सौंप दिया. मां जब बेटी को लेकर घर पहुंची तो लड़की ने रो-रो कर मां को पूरी घटना बताई. इसके बाद पीड़िता की मां फिर लड़की को लेकर थाने गई और पुलिस से रेप का केस दर्ज करने के लिए कहती है.

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आरोप के मुताबिक पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी की जो एफआईआर पहले दर्ज की थी उसी में हाथ से धारा 376 जोड़ देती है और महिला से कहती है की रेप की शिकायत दर्ज हो गई है और हम कार्रवाई करेंगे.

इसके बाद पुलिस गैंगरेप के तीनों आरोपियों को गैंगरेप की जगह छेड़खानी के आरोप में जेल भेज देती है. लड़की और उसके घर वालों को लगा कि उसके गुनहगारों को सजा मिलेगी लेकिन जब मामला कोर्ट पहुंचा तो वहां पुलिस की पोल खुल गई.

जब मंगलवार को लड़की के पास अदालत से बयान देने का नोटिस आया तो उसमें उन्हें पता चला कि गैंगरेप की धारा 376 कहीं है ही नहीं, पूरा केस छेड़खानी को लेकर दर्ज किया गया है और आरोपियों को भी छेड़खानी के आरोप में ही जेल भेजा गया है. 

अब लड़की और उसकी मां आरोप लगा रही है की पुलिस ने आरोपियों से मिलकर गैंगरेप की धारा हटा दी है. वहीं लड़की ने सीधे-सीधे ऐलान किया है कि अगर मेरे साथ गैंगरेप नहीं हुआ तो मेरा नार्को टेस्ट करा लिया जाए सब साफ हो जाएगा.

पीड़ित लड़की अपने हाथों में उन आरोपियों की तस्वीर दिखाकर आरोप लगाया कि इन्हीं लड़कों ने मेरे साथ गैंगरेप किया और सारी फोटो उसने खुद इंस्टाग्राम पर सर्च करके निकाली है.

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छात्रा ने अपनी मां के साथ पुलिस कमिश्नर ऑफिस में इसकी शिकायत की जहां अधिकारी अब दावा कर रहे हैं कि मामले की जांच एसीपी को दी गई है, जब उनसे पूछा गया कि धारा 376 अपने हाथ से क्यों लिख दिया तो अधिकारी ने कहा था कि लड़की ने 164 के तहत जो बयान दिए होंगे उसके आधार पर धारा बढ़ाई जाती है. 


 

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