उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक किसान की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. महाराजपुर थाना क्षेत्र के हाथी गांव में ट्यूबवेल पर दारू पार्टी के बाद हुई किसान हरमोहन यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने असली कातिल को गिरफ्तार कर लिया है.
शुरुआत में इस हत्याकांड का आरोप मृतक के तीन दोस्तों पर लगा था, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से तफ्तीश की तो पूरी कहानी बदल गई. हत्या की असली वजह एक महिला से अवैध संबंध और ₹900 की चोरी का झूठा आरोप निकली, जिसके कारण पड़ोसी किसान ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
घटना बुधवार रात की है, जब हाथी गांव के रहने वाले किसान हरमोहन यादव ने अपने ट्यूबवेल पर दोस्तों- अर्जुन, मुलायम और श्याम के साथ दारू पार्टी की थी. इस दौरान हरमोहन का मुलायम से किसी बात पर विवाद भी हुआ था. सुबह जब ट्यूबवेल पर हरमोहन का खून से लथपथ शव मिला, तो परिवार वालों ने सीधे तौर पर उन तीनों दोस्तों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी. पुलिस ने तीनों दोस्तों को हिरासत में लिया, लेकिन उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए नए सिरे से जांच की मांग की.
श्मशान घाट तक गया हत्यारा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी आशुतोष सिंह ने नए सिरे से जांच शुरू की. इसी बीच गांव के एक युवक ने पुलिस को सुराग दिया कि वारदात की रात बगल के खेत का मालिक धर्मेंद्र यादव भी गायब था और सुबह उसके हाथ पर चोट के निशान थे.
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चौंकाने वाली बात यह थी कि धर्मेंद्र सुबह हरमोहन की शव यात्रा और श्मशान घाट तक साथ गया था ताकि किसी को शक न हो, लेकिन अगले ही दिन वह अपने परिवार को लेकर ससुराल भाग गया. पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि हरमोहन ने कुछ दिन पहले धर्मेंद्र पर ₹900 चोरी करने का आरोप लगाते हुए उसका फावड़ा और कुदाल छीन ली थी.
महिला से संबंध बनाते देख लेने पर शुरू हुआ विवाद
पुलिस ने धर्मेंद्र को उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए पूरी कहानी बयां कर दी.
आरोपी धर्मेंद्र ने बताया, "एक महीने पहले मैंने हरमोहन को उसके ट्यूबवेल पर गांव की ही एक महिला के साथ संबंध बनाते हुए देख लिया था. हरमोहन इस बात से नाराज हो गया कि मैं उस पर नजर रखता हूं. महिला गांव की थी, इसलिए मैं यह बात किसी को बता नहीं सकता था. लेकिन हरमोहन ने अपनी पोल खुलने के डर से मुझ पर दबाव बनाने के लिए पूरे गांव में अफवाह फैला दी कि मैंने उसके ₹900 चुराए हैं. उसने जबरन मेरा फावड़ा और कुदाल भी छीन ली. गांव में मेरी बदनामी होने लगी, जिससे तंग आकर मैंने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया."
धर्मेंद्र ने आगे बताया कि बुधवार की रात जब हरमोहन का उसके दोस्तों से झगड़ा हुआ, तो उसे लगा कि बदला लेने का यह सबसे सही मौका है क्योंकि शक सीधे दोस्तों पर जाएगा. इसके बाद जब हरमोहन सो गया, तो धर्मेंद्र ने पहले डंडे से उसके सिर पर वार किया और फिर फावड़े से उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी.
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पुलिस का बयान- तीन बेकसूर दोस्त बरी
मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि परिवार की तहरीर पर तीन दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, लेकिन वैज्ञानिक और मैन्युअल इंटेलिजेंस के जरिए असली कातिल धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. धर्मेंद्र ने महिला वाले विवाद और चोरी के झूठे आरोप की बदनामी का बदला लेने के लिए हत्या की बात कबूली है. हत्या में इस्तेमाल फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है और तीनों बेकसूर दोस्तों को मामले से बरी कर दिया गया है.
रंजय सिंह