झांसी: गैंगरेप नहीं, नाबालिग से बनाए थे संबंध फिर बदनामी के डर से खुदकुशी! BA छात्रा की मौत पर बड़ा खुलासा

झांसी में बीए की छात्रा की जहरीला पदार्थ खाने से मौत के मामले में पुलिस ने गैंगरेप की पुष्टि नहीं की है. दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और चार से पूछताछ जारी है. पोस्टमार्टम में कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं. पुलिस को शक है कि छात्रा ने बदनामी के डर से आत्महत्या की होगी.

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झांसी में छात्रा के साथ गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई. (Photo- ITGD) झांसी में छात्रा के साथ गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई. (Photo- ITGD)

अजय झा

  • लखनऊ,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:01 AM IST

उत्तर प्रदेश के झांसी में बीए की एक छात्रा की जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जिले के गुरसरांय में छात्रा के परिजनों ने आधा दर्जन युवकों पर गैंगरेप के आरोप लगाए थे. लेकिन पुलिस की जांच में गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है.

पुलिस के मुताबिक, 22 सितंबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय से सूचना मिली थी कि एक छात्रा ने जहरीला पदार्थ खा लिया है और अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो चुकी है. परिवार की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था.

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इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि चार नामजद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. 

फ्री फायर निकले थे दो नाबालिग

जांच में सामने आया कि 20 सितंबर को दो नाबालिग युवक 'फ्री फायर' गेम खेलने निकले थे, रास्ते में उनकी मुलाकात छात्रा से हुई. पुलिस का दावा है कि एक नाबालिग के साथ छात्रा कमरे में गई थी, जबकि दूसरा बाहर निगरानी कर रहा था. पूछताछ में एक आरोपी ने संबंध बनाने की बात स्वीकार की है.

घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस और फोरेंसिक टीम को एक इस्तेमाल किया हुआ कंडोम मिला है, जिसे DNA मिलान के लिए FSL भेज दिया गया है. झांसी के SSP विकास कुमार ने बताया कि मृतका के पोस्टमार्टम में शरीर पर किसी भी चोट का निशान नहीं मिला है. मौत का असली कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया है. 

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इसके अलावा सभी मोबाइल फोन और डिजिटल सबूतों की भी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है. हालांकि अभी तक किसी भी फोन में कोई वीडियो मिलने की बात सामने नहीं आई है.

बदनामी के डर से आत्महत्या का शक

पुलिस अब इस एंगल पर भी गहराई से छानबीन कर रही है कि घटना की जानकारी जब गांव में फैलने लगी, तो क्या बदनामी के डर से किशोरी ने यह खौफनाक कदम उठाया. पुलिस का पूरा फोकस इस बात पर है कि आखिर किन हालातों में छात्रा को ये कदम उठाना पड़ा.

यह भी पढ़ें: IIT बॉम्बे में छात्र के आत्महत्या पर भड़के छात्र; कैंपस में किया प्रोटेस्ट, मांगा डायरेक्टर का इस्तीफा

SSP ने बताया कि मामले में नामजद चार लोगों को अभी क्लीन चिट नहीं दी गई है. सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. वैज्ञानिक और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले से पूरी तरह पर्दा उठने की उम्मीद है.

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