'दारोगा अरुण राय सुसाइड नहीं कर सकते, साजिश हुई है', परिवार ने सिपाही मीनाक्षी पर लगाए गंभीर आरोप

जालौन में कुठौंद थाना प्रभारी अरुण राय की संदिग्ध मौत मामले में महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा गिरफ्तार कर जेल भेज दी गई हैं. मृतक दारोगा के भाई ने आत्महत्या से इनकार करते हुए इसे साजिश बताया है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. संत कबीर नगर स्थित मृतक के पैतृक गांव में सन्नाटा पसरा है.

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जालौन: मृतक दारोगा अरुण राय और आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी (Photo- ITG) जालौन: मृतक दारोगा अरुण राय और आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी (Photo- ITG)

आलमगीर / अलीम सिद्दीकी

  • जालौन/संत कबीर नगर,
  • 11 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

Uttar Pradesh News: जालौन के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत (हत्या/आत्महत्या) के मामले में उनकी महिला मित्र, कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अरुण राय के परिवार ने इसे साजिश बताते हुए आत्महत्या से इनकार किया है. सूत्रों के मुताबिक, मीनाक्षी की शादी का खर्च अरुण राय से मांगने पर अनबन शुरू हुई थी.

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मृतक दारोगा के भाई का बयान 

आपको बता दें कि जालौन जिले के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी महिला कांस्टेबल मित्र मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. यह घटना बीते शुक्रवार को कुठौंद थाना परिसर स्थित सरकारी आवास पर हुई. इंस्पेक्टर की पत्नी ने शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने मीनाक्षी को गिरफ्तार किया गया. अरुण राय के बड़े भाई अरविंद राय ने आत्महत्या से इनकार करते हुए इसे साजिश बताया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. मृतक दारोगा संत कबीर नगर के रतनौली गांव के निवासी थे.

घटना के बाद से अरुण राय के पैतृक गांव संत कबीर नगर के रतनौली में सन्नाटा पसरा है. परिवार सदमे में है और मीडिया से बात नहीं करना चाहता. अरुण राय के बड़े भाई अरविंद राय ने कहा कि उनका नेचर बहुत अच्छा रहा है और वह कभी सुसाइड नहीं कर सकते. उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति 25-30 साल की उम्र में गलती नहीं किया, वह अब जिम्मेदार होकर ऐसा क्यों करेगा. अरविंद राय के अनुसार, हाल ही में घर आए अरुण ने ऐसी कोई बात नहीं बताई थी. उन्होंने इसे जानबूझकर फंसाने की साजिश बताया.

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गोली चलने के बाद चीखती हुई भागी थी मीनाक्षी

मीनाक्षी शर्मा मूलरूप से मेरठ के अहमदपुर उर्फ दांदूपुर की रहने वाली है. घटना के वक्त मीनाक्षी, इंस्पेक्टर के सरकारी आवास से चीखती हुई बाहर निकली और थाने में गोली चलने की सूचना दी, फिर वहां से फरार हो गई. सीसीटीवी फुटेज में भी वह चिल्लाती हुई आवास से निकलते दिखी. मीनाक्षी 2024 से इंस्पेक्टर अरुण राय के संपर्क में थी और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं. अरुण की पत्नी की शिकायत पर मीनाक्षी को आरोपी मानकर गिरफ्तार किया गया.

ब्लैकमेलिंग और ब्रांडेड लाइफस्टाइल

सूत्रों के मुताबिक, मीनाक्षी का स्वभाव शुरू से ही तेजतर्रार था और वह विभागीय लोगों को ब्लैकमेल करके मोटी रकम ऐंठने की बात करती थी. 2023 में जालौन में तैनाती के दौरान वह कोंच कोतवाली में अरुण राय के संपर्क में आई।. वहां उसका इतना रुतबा था कि ड्यूटी किसकी लगेगी, इसका फैसला भी वही करती थी. ब्रांडेड कपड़े, जूते और महंगे मोबाइल से लैस मीनाक्षी की इन गतिविधियों के कारण उसे 112 में अटैच किया गया था. वह ड्यूटी पर बिना वर्दी के भी आती थी.

शादी के खर्चे पर शुरू हुई अनबन

मीनाक्षी का ब्लैकमेलिंग का कच्चा चिट्ठा खुलने लगा है. 2022 में पीलीभीत में भी उसने एक सिपाही को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया था. सूत्रों की मानें तो 8 फरवरी 2026 को मीनाक्षी की शादी तय हुई थी और वह शादी का पूरा खर्चा अरुण राय से करने को कह रही थी, जिस पर दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई थी. मीनाक्षी के पिता ने जेल जाते समय उससे कहा, "चिंता मत कर, जल्द कोर्ट से छुड़ा लेंगे." इस पूरे मामले की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है.

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