37वीं मंजिल, दो मजदूर और टूटी सेफ्टी बेल्ट... ग्रेटर नोएडा के हाईराइज प्रोजेक्ट पर हुए हादसे की कहानी

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-152 में बड़ा हादसा हो गया. यहां टावर नंबर-23 की 37वीं मंजिल पर शटरिंग का काम चल रहा था. इसी दौरान दो मजदूर सेफ्टी बेल्ट टूटने के बाद नीचे गिर गए. गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

Advertisement
37वीं मंजिल से गिरे थे दोनों मजदूर. (Photo: ITG) 37वीं मंजिल से गिरे थे दोनों मजदूर. (Photo: ITG)

अरुण त्यागी

  • नोएडा,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:52 AM IST

एक तरफ आसमान छूती इमारत का निर्माण चल रहा था. दूसरी तरफ उसी इमारत की 37वीं मंजिल पर दो मजदूर अपनी रोजी-रोटी के लिए काम कर रहे थे. लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ बदल गया. एक सेफ्टी बेल्ट टूटी, संतुलन बिगड़ा और देखते ही देखते दो मजदूर 37वीं मंजिल से नीचे गिर गए. अस्पताल पहुंचने से पहले उम्मीद थी कि शायद उनकी जान बच जाए, लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया.

Advertisement

यह दर्दनाक हादसा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-152 स्थित निर्माणाधीन ATS Picturesque Reprieves प्रोजेक्ट में हुआ. हादसे ने न सिर्फ दो परिवारों को गहरा सदमा दिया है, बल्कि निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 12:45 बजे सूचना मिली कि सेक्टर-152 में बन रही एक हाईराइज सोसायटी में दो मजदूर ऊंचाई से गिर गए हैं. सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची.

यहां देखें Video

जांच में पता चला कि टावर नंबर-23 की 37वीं मंजिल पर शटरिंग का काम चल रहा था. इसी दौरान वहां काम कर रहे दो मजदूर अचानक नीचे गिर गए. दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान 24 वर्षीय रईसुल हक और 45 वर्षीय अब्दुल समद के रूप में हुई है. दोनों पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के रहने वाले थे और काम के सिलसिले में एनसीआर में रह रहे थे.

Advertisement

यह भी पढ़ें: शराब की बोतल, गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड... रात में बिल्डिंग से गिरा कपल, छत पर क्या हुआ, जांच में जुटी पुलिस

शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों मजदूर सीट बेल्ट पहनकर काम कर रहे थे. लेकिन काम के दौरान सेफ्टी बेल्ट टूट गई. इसके बाद दोनों मजदूर अपना संतुलन खो बैठे और सीधे नीचे गिर गए.

हालांकि जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर सेफ्टी बेल्ट कैसे टूटी. क्या बेल्ट पुरानी थी? क्या उसमें कोई खराबी थी? या फिर सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच नहीं की गई थी? इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

पुलिस जांच में एक और अहम बात सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में से एक मजदूर का भाई ही उस काम का ठेकेदार बताया जा रहा है. ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मजदूरों को उपलब्ध कराए गए सुरक्षा उपकरण और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के हिसाब से थी या नहीं.

यह फैक्ट इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी कई स्तरों पर तय होती है. इसमें निर्माण कंपनी, ठेकेदार और साइट प्रबंधन सभी की भूमिका होती है.

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर 37वीं मंजिल जैसी ऊंचाई पर काम कर रहे मजदूरों के लिए सुरक्षा के क्या इंतजाम थे? निर्माण क्षेत्र में ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए सेफ्टी बेल्ट, लाइफ लाइन, एंकर पॉइंट और अन्य सुरक्षा उपकरण बेहद जरूरी माने जाते हैं. 

Advertisement

पुलिस क्या कह रही है?

डीसीपी ग्रेटर नोएडा प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन सोसायटी के टावर पर काम करते समय दो मजदूर 37वीं मंजिल से नीचे गिर गए. शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसा सेफ्टी बेल्ट टूटने के कारण हुआ.

उन्होंने बताया कि दोनों मजदूरों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. डीसीपी के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

जांच का फोकस किन बातों पर?

फिलहाल जांच एजेंसियां कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही हैं. क्या सेफ्टी बेल्ट स्टैंडर्ड क्वालिटी की थी? क्या सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर जांच की गई थी? क्या मजदूरों को पर्याप्त सिक्योरिटी ट्रेनिंग दी गई थी? क्या निर्माण स्थल पर निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था? क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई है?

यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. ग्रेटर नोएडा के इस हादसे की जांच अभी जारी है, लेकिन 37वीं मंजिल पर शुरू हुआ काम दो परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »