उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सरकारी शिक्षक की गोली मारकर हत्या किए जाने से सनसनी फैल गई. नजीबाबाद थाना क्षेत्र में स्कूल से छुट्टी के बाद बाइक से घर लौट रहे करीब 40 वर्षीय शिक्षक नौशाद अहमद को एक युवक ने कथित तौर पर बेहद करीब से पेट में गोली मार दी. गोली लगते ही शिक्षक बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े. आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया. इलाज के दौरान शाम करीब 5 बजे उनकी मौत हो गई.
घटना के बाद मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब गोली चलाने का आरोपी गौरव राठी (30) खुद नजीबाबाद थाने पहुंच गया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. शुरुआती जानकारी में शिक्षक के प्रॉपर्टी डीलिंग के काम से जुड़े होने की बात सामने आई है. इसी से जुड़े किसी विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है, हालांकि वारदात का वास्तविक कारण पुलिस जांच और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
स्कूल से करीब 150 मीटर दूर हुई वारदात
बताया जा रहा है कि नौशाद अहमद राहतपुर खुर्द गांव में अपने परिवार के साथ रहते थे और पुरुषोत्तमपुर प्राथमिक विद्यालय में सरकारी शिक्षक के पद पर तैनात थे. उनका स्कूल घर से करीब 10 किलोमीटर दूर था. मंगलवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह रोज की तरह बाइक से घर लौट रहे थे.
इसी दौरान स्कूल से करीब 150 मीटर की दूरी पर आरोपी युवक उनके पास पहुंचा. आरोप है कि उसने नौशाद के पेट से सटाकर गोली चला दी. अचानक हुई फायरिंग से शिक्षक बाइक समेत सड़क पर गिर गए. गोली की आवाज सुनकर और घटना देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जबकि आरोपी वहां से फरार हो गया.
गंभीर हालत में ऋषिकेश एम्स भेजे गए
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल शिक्षक को तत्काल नजीबाबाद के एचएमएच अस्पताल पहुंचाया. गोली पेट में लगने के कारण उनकी हालत गंभीर बताई गई. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया.
परिजन और अन्य लोग उन्हें लेकर एम्स पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान शाम करीब 5 बजे नौशाद अहमद ने दम तोड़ दिया. शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.
हत्या के बाद खुद थाने पहुंचा आरोपी
वारदात के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी ही थी कि गौरव राठी खुद थाने पहुंच गया. उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शिक्षक और आरोपी के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं, घटना के पीछे प्रॉपर्टी से जुड़ा लेनदेन था या कोई अन्य वजह. पुलिस वारदात से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत और घटनास्थल से जुड़े तमाम पहलुओं की भी जांच कर रही है.
शिक्षक के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे नौशाद
नौशाद अहमद सरकारी शिक्षक होने के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे. इसी कारण शुरुआती स्तर पर हत्या को प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि अभी पुलिस ने हत्या की वजह को आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है.
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी और नौशाद के बीच प्रॉपर्टी के किसी सौदे, पैसों के लेनदेन या जमीन को लेकर विवाद था या नहीं. पुलिस पूछताछ और परिजनों की शिकायत के आधार पर इस दिशा में आगे की कार्रवाई करेगी.
दो शादियां, पांच बच्चों का परिवार
नौशाद अहमद के परिवार में उनकी मां, दो पत्नियां और पांच बच्चे हैं. करीब 20 वर्ष पहले उनकी पहली शादी भूरी से हुई थी. पहली पत्नी से उनकी दो बेटियां और एक बेटा है. करीब 10 वर्ष पहले उन्होंने दूसरी शादी शबाना से की थी, जिससे एक बेटा और एक बेटी है.
परिवार के मुताबिक नौशाद की सबसे बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है. दोनों पत्नियां और बच्चे परिवार के साथ ही रहते हैं. ऐसे में नौशाद की अचानक हुई मौत के बाद परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
पुलिस बोली- शिकायत और जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
नजीबाबाद थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि मामले में पीड़ित परिवार से शिकायत मिलने और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना के कारण, आरोपी की भूमिका और हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस ने आज तक को क्या बताया? -
जब 'आज तक' ने इस पूरे मामले को लेकर नजीबाबाद थाने के SHO (अमित कुमार ) ने बताया कि, आरोपी से पूछताछ की जा रही है लेकिन अभी तक कुछ भी साफ कहना, कि उसने इस घटना को अंजाम क्यों दिया? सही नहीं होगा, हम लगातार आरोपों से पूछताछ कर रहे हैं.
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी शिक्षक की हत्या के पीछे असल वजह क्या थी और आरोपी ने वारदात को अंजाम क्यों दिया. पोस्टमॉर्टम के बाद शिक्षक का शव बुधवार सुबह तक गांव पहुंचने की संभावना है.
ऋतिक राजपूत