महोबा: PM मोदी को गाली देने वाले सपा सांसद अजेंद्र लोधी के खिलाफ पुलिस का एक्शन, FIR दर्ज; CM योगी समेत तमाम BJP नेताओं ने खोला मोर्चा

महोबा में विरोध प्रदर्शन के दौरान हमीरपुर-महोबा से समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया. इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है और भाजपा ने सपा को 'गुंडों की पार्टी' करार दिया है.

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सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी (File Photo) सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी (File Photo)

नाह‍िद अंसारी

  • महोबा ,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:23 AM IST

यूपी के महोबा में विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करना सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी को भारी पड़ गया है. पुलिस ने सपा सांसद के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. यह कार्रवाई भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सत्येंद्र गुप्ता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस द्वारा की गई है. सपा सांसद पर आरोप है कि उन्होंने जन समस्याओं को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री को गाली दी और उन्हें 'देश विरोधी' कहा. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 189(2), 352 और 196(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने महोबा में बिजली कटौती और महंगाई के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'देश-विरोधी' कहते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया. यह घटना सोमवार को तब हुई जब सांसद लोधी और सपा जिला अध्यक्ष शोभा लाल यादव राज्यपाल को संबोधित 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपने पहुंचे थे. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में लोधी पीएम के विदेशी दौरों और हालिया अपीलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिख रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

CM योगी का पलटवार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सपा सांसद के आचरण की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के खिलाफ ऐसी असंसदीय टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक और अक्षम्य है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मर्यादा पर एक गंभीर प्रहार है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि लोधी का यह व्यवहार समाजवादी पार्टी की 'घटिया राजनीतिक संस्कृति' और वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है. उनके अनुसार, यह 145 करोड़ भारतीयों के जनादेश और विश्वास का अपमान है, जिसका जवाब जनता समय आने पर देगी.

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भाजपा का हमला: अखिलेश यादव से निष्कासन की मांग

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने इस मामले में सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि सपा अब 'गुंडों और गाली देने वालों की पार्टी' बन गई है. चौधरी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को चुनौती दी कि वे अपने सांसद को पार्टी से बाहर निकालें. उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री का पद किसी एक दल का नहीं होता, बल्कि राष्ट्र के गौरव का प्रतीक होता है. भाजपा नेताओं का मानना है कि जब भी सपा चुनाव हारती है, वह व्यक्तिगत हमलों पर उतर आती है.

क्या था पूरा मामला? प्रदर्शन और विवादित बयान

सपा कार्यकर्ता महोबा में स्मार्ट मीटर, महंगाई और बिजली संकट जैसे मुद्दों पर विरोध जताने इकट्ठा हुए थे. ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने प्रधानमंत्री की किफायत की अपील पर प्रतिक्रिया दी. इसी दौरान उन्होंने आपा खोते हुए पीएम के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इसके अलावा लोधी ने भविष्य में होने वाले चुनावों में EVM का विरोध करने की बात भी कही.

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'अराजकता का असली चेहरा': भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी और प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने वीडियो साझा करते हुए इसे सपा का 'असली चेहरा' बताया. पूनावाला ने कहा कि पीएम के खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा सपा के चरित्र का हिस्सा है और 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका करारा जवाब देगी. राज्य प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ऐसे नेताओं को बढ़ावा देते हैं जो सार्वजनिक विमर्श में गाली-गलौज करते हैं. भाजपा का दावा है कि सत्ता से बाहर होने पर ऐसा व्यवहार करने वाले लोग सत्ता मिलने पर कानून का दुरुपयोग करेंगे.

EVM और बैलट पेपर पर सपा का रुख

विवादित बयान के बीच सांसद लोधी से जब भविष्य के चुनावों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ किया कि समाजवादी पार्टी EVM का विरोध जारी रखेगी. उन्होंने दावा किया कि इंडिया (INDIA) गठबंधन के अन्य घटक दल भी आने वाले समय में बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाएंगे. हालांकि, इस राजनीतिक मांग से ज्यादा उनके द्वारा प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल किए गए अपशब्दों ने तूल पकड़ लिया है, जिससे सपा नेतृत्व अब बैकफुट पर नजर आ रहा है.

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