उत्तर प्रदेश के बांदा में बिजली के करंट की चपेट में आने से दो मासूम सगे भाइयों की जान खतरे में पड़ गई. दोनों बच्चे खेलते-खेलते बिजली के खंभे के पास पहुंचे थे, तभी सपोर्ट के लिए लगाए गए अर्थ वायर की चपेट में आ गए. करंट लगते ही दोनों उससे चिपक गए. घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग घबरा गए.
मामला बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव का है. बताया गया कि पीड़ित परिवार खेतों में काम करने गया था और बारिश के दौरान दोनों बच्चे घर पर थे. इसी दौरान वे गांव में खेल रहे थे. खेलते समय पांच साल का छोटा भाई बिजली के खंभे और सपोर्ट अर्थ देने वाले तार से चिपक गया. उसे बचाने पहुंचा उसका नौ साल का बड़ा भाई भी करंट की चपेट में आ गया.
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दोनों बच्चों को करंट से चिपका देखकर वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. पास में खेल रहे दो अन्य मासूम भी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, गनीमत रही कि वे बिजली के संपर्क में नहीं आए. अगर वे भी तार से चिपक जाते तो हादसा और बड़ा हो सकता था.
शिकायत की जांच करने पहुंची थी पुलिस टीम
इसी दौरान थाना बिसंडा की पुलिस टीम गांव में एक दूसरे मामले से जुड़ी शिकायत की जांच करने पहुंची थी. थाना दिवस पर मिले शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच के सिलसिले में पहुंचे कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुनील कुमार बिंद ने ग्रामीणों की भगदड़ देखी. जब उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति देखी तो दोनों बच्चे बिजली के तार से चिपके हुए थे.
पुलिसकर्मियों ने खतरे को समझते हुए बिना समय गंवाए सूझबूझ का परिचय दिया. दोनों ने लकड़ी के डंडे की मदद से बच्चों को विद्युत लाइन से अलग किया. इसके बाद दोनों मासूम अचेत हालत में जमीन पर गिर पड़े. पुलिसकर्मियों ने तत्काल ग्रामीणों की मदद ली और बच्चों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की.
बच्चों की हालत को देखते हुए पुलिसकर्मी उन्हें कंधे पर लादकर सीएचसी बिसंडा पहुंचे. वहां दोनों का तत्काल उपचार शुरू किया गया. समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने से दोनों मासूमों की जान बच गई. डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के बाद दोनों बच्चे खतरे से बाहर बताए गए हैं.
पुलिसकर्मियों की बहादुरी की हो रही तारीफ
डिप्टी एसपी कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि 8 अगस्त को थाना बिसंडा के दो पुलिसकर्मियों ने साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए दो बच्चों की जान बचाई. उन्होंने बताया कि कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुनील कुमार बिंद शिकायत की जांच के लिए पुनाहुर गांव गए थे. इसी दौरान उन्हें बच्चों के करंट की चपेट में आने की जानकारी मिली.
डिप्टी एसपी के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल कार्रवाई की. लकड़ी के डंडे की मदद से दोनों बच्चों को विद्युत लाइन से अलग कराया गया और ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें सीएचसी बिसंडा पहुंचाया गया. त्वरित कार्रवाई और समय पर उपचार के चलते दोनों बच्चे अब खतरे से बाहर हैं.
घटना के बाद बच्चों के परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस टीम का आभार जताया. पुलिसकर्मियों की तत्परता और साहस की पूरे गांव में चर्चा हो रही है. जिन दो मासूमों की जिंदगी कुछ देर पहले खतरे में थी, उन्होंने भी पुलिसकर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा, 'थैंक्यू पुलिस अंकल.' वहीं, बांदा के एसपी पलाश बंसल ने दोनों बच्चों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं.
सिद्धार्थ गुप्ता