राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने ट्रस्ट के सदस्यों और चंदे की गिनती में शामिल कर्मचारियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा कि यह जो कलंक लगा है, अपने आप में बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. क्योंकि जिस रामराज्य में यह परिकल्पना बिल्कुल नहीं है कि कहीं कोई चोरी कर सकता है, वहां पर स्वयं अयोध्या जी के भव्य राम मंदिर में इस प्रकार की घटना हुई.
उन्होंने कहा, 'यह समस्त रामभक्तों के लिए बहुत पीड़ादायक है. जो हिंदू विरोधी थे उन्हें एक मौका मिल गया उपहास उड़ाने का हंसने का. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. आप देखो किस प्रकार से मीम बन रहे हैं, तमाम तरह की आलोचनाएं हो रही हैं. चढ़ावा चोरी करने वालों ने हिंदू और सनातन विरोधियों को यह मौका दे दिया है.' स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि राम मंदिर सिर्फ आंदोलन से नहीं बना और न ही संसद ने बनाया. राम मंदिर बना तो सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से बना.
पक्षकारों को राम मंदिर उद्घाटन में नहीं बुलाया
स्वामी चक्रपाणि ने कहा सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय इसलिए राम मंदिर के पक्ष में आया क्योंकि इसके लिए एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गई. इसमें अनेक हिंदू पक्षकारों ने अपनी जमीन-जायदाद और सबकुछ बेचकर के एक लंबी लड़ाई लड़ी और हिंदू महासभा के अध्यक्ष के तौर पर उसमें मैं खुद पक्षकार था. इलाहाबाद हाई कोर्ट में और सर्वोच्च न्यायालय में एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गई. लेकिन सरकार ने पक्षकारों को ट्रस्ट में रखना तो दूर, राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में निमंत्रण तक नहीं दिया.
बॉलीवुड के बीफ खाने वालों को बुलाया गया था
उन्होंने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में फिल्मी कलाकारों को आमंत्रित करने पर भी अपनी नाराजगी जताई. स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि रील बनाने के लिए बॉलीवुड के बीफ खाने वालों को राम मंदिर उद्घाटन समारोह में बुलाया गया. राम मंदिर के ट्रस्ट में धर्म गुरुओं को होना चाहिए, 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि होने चाहिए, जिन पक्षकारों ने अपनी जमीनें बेचकर मुकदमा लड़ा उन्हें इसमें होना चाहिए. अगर ट्रस्ट में धार्मिक लोग होते तो चोरी की यह घटना नहीं होती.
देव द्रव्य की चोरी करने वाले विष्ठा का कीड़ा बनेंगे
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि धार्मिक लोगों को पता है कि देव द्रव्य की चोरी करने का परिणाम ये होता है कि 60 हजार वर्षों तक विष्ठा का कीड़ा बनकर भोगना पड़ता है. लेकिन चढ़ावा चोरी करने वालों को धर्म का ज्ञान ही नहीं था. इसलिए उन्होंने इस तरह की हरकत की. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी कहा कि वहां कोई व्यवस्था नहीं थी. कोई भी आ और जा रहा था. चढ़ावा चोरी की घटना के लिए पूरी तरह से ट्रस्ट जिम्मेदार है और उसे नैतिक रूप से इसकी जिम्मेदारी लेनी भी चाहिए.
यहां बच जाएंगे, वहां भगवान कड़ाही में तलवाएंगे
उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि पर भी निशाना साधा. स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष कह रहे हैं कि उनका चढ़ावे की गिनती से कोई लेना देना नहीं था, तो वह किस बात के कोषाध्यक्ष हैं. उन्हें बोल देना चाहिए था कि मैं इसे संभाल नहीं पा रहा. इतना बड़ा कांड होता गया, सिर्फ 45 दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में चोरी के 90 वीडियो मिले हैं. अभी और पता नहीं कितने वीडियो गायब हो गए. आरोपी सोच रहे हैं कि सीसीटीवी फुटेज गायब कर दिए तो उनकी चोरी छिप गई. उन्हें नहीं पता कि भगवान चित्रगुप्त के पास सबका लेखा-जोखा होता है. यहां भले बच जाओगे, लेकिन वहां भगवान चित्रगुप्त कड़ाही में तलवाएंगे.
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