अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना के बाद क्या सब कुछ बदल गया है? क्या अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ और वो पुराना उत्साह कम हो गया है? क्या राम भक्तों की आस्था में कोई कमी आई है?
इन जरूरी सवालों के जवाब जानने के लिए 'आज तक' की टीम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग की. टीम ने अयोध्या के उन सभी बड़े स्थानों का दौरा किया, जो धार्मिक और पर्यटन के नजरुए से सबसे अहम केंद्र हैं.
अगर आपको अयोध्या का असली उत्साह और युवाओं का जोश देखना है, तो सरयू घाट आना बेहद जरूरी है. 'आज तक' की टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा अद्भुत था. देश के दूर-दराज के इलाकों से आए परिवार और भारी संख्या में युवा राम की पैड़ी के सामने आनंद लेते दिखाई दिए. झमाझम बारिश के बीच भी लोग खुशी और उल्लास के साथ सरयू नदी में नहा रहे थे और मौज-मस्ती कर रहे थे.
सरयू घाट : युवाओं का जोश और भारी भीड़
वहां मौजूद लोगों से जब बात की गई, तो उन्होंने कहा कि अयोध्या में चंदा चोरी की घटना का कोई असर नहीं है. यहां सब कुछ पहले जैसा ही है. चंदा चोरी के विवाद से आम आदमी का कोई मतलब नहीं है. कई दूसरे राज्यों से आए परिवार राम की पैड़ी पर तस्वीरें खिंचवा रहे थे. उनका कहना था कि इस विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि दोषियों पर तो सरकार का एक्शन हो ही रहा है.
लता चौक: सेल्फी प्वाइंट और स्ट्रीट फूड का क्रेज
इसके बाद हमारी टीम अयोध्या के नए सेल्फी प्वाइंट 'लता चौक' पहुंची. वहां लगे भव्य सूर्य स्तंभ दिन हो या रात, हमेशा दमकते और चमकते रहते हैं. भरी दोपहरी में भी लोग इन स्तंभों के साथ उत्साह से सेल्फी खिंचवाते दिखाई पड़े.
चौक पर मौजूद लोगों ने एक सुर में कहा कि अयोध्या में कुछ भी नहीं बदला है. कुछ परिवार वहां प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड का मजा लेते हुए दिखाई दिए. उन्होंने कहा, 'जो आनंद और शांति अयोध्या में है, वो दुनिया में कहीं और नहीं मिल सकती. यहां कुछ भी हो जाए, लेकिन राम भक्तों की भावना कभी नहीं बदल सकती.'
राम मंदिर: 105 साल की बुजुर्ग महिला की अटूट आस्था
राम मंदिर परिसर में दोपहर की तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी थीं और उनकी आस्था में रत्ती भर भी कमी दिखाई नहीं पड़ी. लोगों ने कहा कि राम जी के दरबार में कुछ भी हो जाए, उनकी आस्था कभी कमजोर नहीं पड़ेगी.
इसी दौरान मंदिर परिसर में व्हीलचेयर पर बैठी दो बुजुर्ग महिलाएं दिखाई दीं, जिनकी उम्र क्रमशः 105 साल और 100 साल थी. उनके बेटे ने बताया, 'मेरी मां की आखिरी इच्छा थी कि वो अपनी जिंदगी में एक बार राम जी के साक्षात दर्शन कर लें. आज वो इच्छा पूरी हो गई है. बाहर कोई भी चोरी की घटना हुई हो, उससे राम जी के लिए हमारी आस्था कमजोर नहीं पड़ सकती. राम जी के पास हर किसी को देने के लिए बहुत कुछ है.'
वहां मौजूद कई श्रद्धालुओं ने भी कहा कि योगी-मोदी राज में गलत काम करने वालों पर तुरंत एक्शन होता है, इसलिए हमारी आस्था अटूट बनी हुई है.
होटलों पर भी कोई असर नहीं, 80% से ऊपर है बुकिंग
विवाद का असर जानने के लिए जब अयोध्या के स्थानीय होटलों से संपर्क किया गया, तो हकीकत कुछ और ही निकली. होटलों में रूम बुकिंग पर चंदा चोरी की घटना का कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है. हर साल इस सीजन में जितनी बुकिंग होती है, उतनी ही अभी भी बनी हुई है.
'होटल क्रिनोस्को' के मैनेजर आनंद सिंह ने बताया, 'अयोध्या के लिए ये समय ऑफ-सीजन माना जाता है. मानसून और स्कूल-कॉलेज खुलने की वजह से इन महीनों में अमूमन बुकिंग्स थोड़ी कम रहती हैं. लेकिन इसके बावजूद हमारे होटल की बुकिंग फिलहाल 80 प्रतिशत से ऊपर चल रही है.'
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उन्होंने आगे बताया कि ट्रैवल एजेंसियां अभी से ही अक्टूबर और सर्दियों के महीनों के लिए एडवांस बुकिंग के लिए संपर्क कर रही हैं, क्योंकि ठंड में यहां भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. होटल बिजनेस पर इस विवाद का कोई असर नहीं दिख रहा है.
समर्थ श्रीवास्तव