'पुनर्जन्म वाली नाव' से बचे नेवी कमांडर अभिलाष, आइलैंड पर लाए गए

चार देशों के सहयोग से बचाए गए नेवी ऑफिसर. मेडिकल जांच के बाद तय किया जाएगा कि उन्हें कहां ले जाना है.

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नेवी ऑफिसर अभिलाष टॉमी नेवी ऑफिसर अभिलाष टॉमी

अभि‍षेक आनंद

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 3:48 PM IST

इजिप्ट की पौराणिक कथाओं के मुताबिक Osiris का मतलब होता है- पुनर्जन्म. खास बात ये है कि सुदूर समुद्र में बुरी तरह घायल इंडियन नेवी ऑफिसर अभिलाष टॉमी को Osiris नाम के ही फ्रांसीसी नाव से सोमवार को बचाया गया. मंगलवार को उन्हें एम्सटर्डम नाम के छोटे से आइलैंड पर लाया गया. उनके साथ रेस्क्यू किए गए आयरलैंड के एक नाविक भी यहां पहुंचे हैं. मेडिकल जांच के बाद तय किया जाएगा कि उन्हें कहां ले जाना है.

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नेवी ऑफिसर अभिलाष के बचाव अभियान में 4 देशों ने सहयोग किया. वे थुरिया नाम के नाव से अकेले ही रेस में हिस्सा ले रहे थे. अभिलाष के बचाव के लिए भारत, मॉरीशस, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया की ओर से अभियान चलाया गया था.

दक्षिणी हिंद महासागर में आए तूफान में फंसने के बाद कमांडर अभिलाष टॉमी की याट क्षतिग्रस्त हो गई थी और वे बुरी तरह जख्मी हो गए थे. उनकी पीठ में काफी चोट लगी थी. रविवार को इंडियन नेवी के P8I एयरक्राफ्ट ने अभिलाष के लोकेशन को ट्रेस किया था. उनकी याट की फोटो भी सामने आई थी.

गोल्डन ग्लोब रेस में याट के माध्यम से 48280 किमी की विश्व यात्रा अकेले ही की जाती है. रेस फ्रांस से 1 जुलाई को शुरू हुआ था. इसमें 18 नाविक हिस्सा ले रहे हैं. अभिलाष टॉमी ने सबसे पहले संदेशों के जरिए फ्रांस में मौजूद रेस आयोजकों को आपातकालीन मैसेज भेजा था.

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सेना के एक प्रवक्ता ने बताया था कि वह चल पाने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए उन्होंने एक स्ट्रेचर का निवेदन किया है. सबसे पहले उनका लोकेशन ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से करीब 3 हजार किमी की दूरी पर पता चला था.

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