आसमान से गिरा एक रहस्यमी गोला... वैज्ञानिकों को भी नहीं पता कहां से आया, UFO की अटकलें तेज

मार्च में आसमान में उड़ता हुआ एक धातु का गोला दिखा था. बाद में ये बिजली के तार से टकराया और फिर दूर एक खेत में जा गिरा. यह जिस खेत में गिरा, वहां किसी तरह से पानी की कमी हो गई. इस वजह से वहां की सारी घास और मिट्टी नष्ट हो गई.

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आसमान से गिरा रहस्यमयी गोला (सोशल मीडिया ग्रैब) आसमान से गिरा रहस्यमयी गोला (सोशल मीडिया ग्रैब)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2025,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

कोलंबिया में कुछ महीनों पहले हवा में उड़ता हुआ एक रहस्यमयी गोला दिखाई दिया था. जिसे बाद में जमीन पर उतारा गया और इस का रहस्य सुलझाने में वैज्ञानिक लगे हुए हैं. इसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर रखा है.  वहीं कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं कि यह कोई यूएफओ है.

सोशल मीडिया में भी इस ऑबजेक्ट के उड़ने का वीडियो वायरल हुआ था. इस विचित्र गोले को मार्च में देश के पश्चिमी भाग में बुगा शहर के ऊपर उड़ते हुए रिकॉर्ड किया गया था. इसके बाद ये जमीन पर गिर गया. यह गोला - जिसका वजन कथित तौर पर लगभग 4.5 पाउंड था और जब मिला था तब छूने पर ठंडा था . इस पर कई प्राचीन दिखने वाले प्रतीक अंकित थे, जिनमें रूण और ओघम तथा मेसोपोटामिया लेखन प्रणालियों के अक्षर शामिल थे.

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यूएफओ होने की अटकलें हुई तेज
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह वस्तु किसी एलियन के यान या यूएफओ से निकलकर नीचे गिरी है. वहीं कुछ शोधकर्ता भी ऐसा ही कुछ मान रहे हैं, क्योंकि वे यह नहीं बता सकते कि यह वस्तु कहां से आई है. गोले की जांच करने वाले रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जोस लुइस वेलास्केज़ के अनुसार, गोले में कोई वेल्ड या जोड़ नहीं है, जो आमतौर पर यह संकेत देता है कि इसे मनुष्यों द्वारा बनाया गया था.

उत्पत्ति का पता लगाने के लिए और ज्यादा टेस्ट की जरूरत
डॉ. वेलाजक्वेज ने एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि यह आर्टिफिशियल लगता है, इसमें वेल्डिंग का कोई सबूत नहीं दिखता है और इसकी आंतरिक संरचना उच्च घनत्व वाले तत्वों से बनी है. इसकी उत्पत्ति का पता लगाने के लिए और अधिक परीक्षण की आवश्यकता है.

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गोले पर कई प्राचीन संकेत मिले
वैज्ञानिकों ने एआई का उपयोग यह जानने के लिए किया कि उनके अनुसार इसके प्रतीकों का क्या अर्थ जानने की कोशिश की. जिसमें एक संदेश लिखा था - परिवर्तन के चक्र में मिलन और ऊर्जा के माध्यम से जन्म की उत्पत्ति, एकता, विस्तार और चेतना का मिलन बिंदु.

गोले के अंदर थे कई फाइबर ऑप्टिक्स
वहीं मैक्सिको में वैज्ञानिकों के एक दल ने इस बुगा स्फीयर नाम के अज्ञात गोले का सूक्ष्म स्कैन किया और पाया कि इसमें फाइबर ऑप्टिक तारों का जाल था. इससे पता चलता है कि ये संकेत भेज और प्राप्त कर सकता था. यह जिस खेत में गिरा, वहां किसी तरह से पानी की कमी हो गई. इस वजह से वहां की सारी घास और मिट्टी नष्ट हो गई.

जहां गिरा वहां की घास जल गई
मेक्सिको के राष्ट्रीय स्वायत्त विश्वविद्यालय (यूएनएएम) के शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि यह संभवतः विकिरण नहीं था, बल्कि एक प्रकार की अदृश्य ऊर्जा थी जिसने घास और मिट्टी से सारा पानी चूस लिया, जिससे वे मर गए और दोबारा उगने में असमर्थ हो गए.

इस गोले को छूने वाला कई दिनों तक रहा बीमार
शोध दल के एक सदस्य डेविड वेलेज एल पोत्रो यूएफओ विशेषज्ञ जैमे मोसन से बात करते हुए मौसन टेलीविजन को बताया कि इस वस्तु को पारंपरिक विमान की गति के विपरीत, आकाश में तेजी से उड़ते हुए देखा गया था.एल पोत्रो ने बताया कि जिस व्यक्ति ने यह गोला पाया था, उसका नाम जोस था, उसे इस गोले को छूने के बाद कई दिनों तक बीमार महसूस हुआ.

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इसके अंदर एक चिप भी मौजूद
वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इसमें धातु जैसी सामग्री की तीन परतें हैं और एक केंद्रीय नाभिक के चारों ओर 18 सूक्ष्म क्षेत्र हैं, जिन्हें वे 'चिप' कह रहे हैं. मैक्सिकन इंजीनियर रोडोल्फो गैरिडो मार्च से इस वस्तु का परीक्षण कर रहे हैं, हाल ही में मौसन टेलीविज़न पर सार्वजनिक रूप से यह खुलासा करने के लिए आए कि वैज्ञानिकों ने अब तक इस गोले और इसके उद्देश्य के बारे में क्या पता लगाया है.

मिलने के बाद से अब 5 गुना हो गया है भारी
उन्होंने बताया कि जांच शुरू होने के बाद से, यूएफओ अब उस समय की तुलना में पांच गुना भारी हो गया है. इसके बारे में एक इंजीनियर का मानना ​​है कि इससे यह साबित होता है कि यह उड़ने के लिए अपने आप को हल्का बनाने के लिए भविष्य के गुरुत्वाकर्षण बलों का उपयोग करता है. 

कई वैज्ञानिकों ने इसे आर्टिफिशियल आर्ट प्रोजेक्ट बताया
हालांकि, सैन डिएगो विश्वविद्यालय के भौतिकी और जैवभौतिकी विभाग की डॉ. जूलिया मॉसब्रिज ने बुगा स्फीयर की प्रामाणिकता पर संदेह जताया है और इसे 'मानव निर्मित कला परियोजना' बताया है. डॉ. मॉसब्रिज ने इस बात पर गंभीर संदेह व्यक्त किया कि यह रहस्यमयी जांच यान वास्तव में एक यूएफओ था.

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वहीं डॉ. मॉसब्रिज ने स्वीकार किया कि मानवता उस बिंदु के निकट पहुंच रही है, जहां उसे जल्द ही इस ज्ञान से निपटना होगा कि एलियंस का अस्तित्व है. उन्होंने  बताया कि हम ऐसे समय में प्रवेश कर रहे हैं, जब हम यह समझने लगे हैं कि मनुष्य के रूप में हमारे पास वह नियंत्रण नहीं है, जो हम सोचते थे कि हर चीज पर हमारा है.

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