क्या जन्मदिन की शुभकामना सिर्फ "Happy Birthday to You" तक ही सीमित होनी चाहिए? या फिर ऐसी भी शुभकामना हो सकती है, जो इंसान के पूरे जीवन के लिए मंगलकामना करे?
यही सवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. लेखिका साहना सिंह ने एक बातचीत के दौरान संस्कृत में रचित 'जन्मदिनम इदम्' गीत का अर्थ समझाया. वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने कहा कि उन्होंने पहली बार इस गीत के बारे में सुना और इसका भावार्थ जानकर प्रभावित हुए.
क्या है 'जन्मदिनम इदम्'?
'जन्मदिनम इदम्' एक संस्कृत रचना है, जिसे स्वामी तेजोमयानंद ने लिखा है. साहना सिंह के अनुसार, अंग्रेजी का 'Happy Birthday' गीत जहां जन्मदिन की खुशी व्यक्त करता है, वहीं 'जन्मदिनम इदम्' व्यक्ति के पूरे जीवन के लिए शुभकामनाएं देता है.
इस गीत में प्रार्थना की जाती है कि व्यक्ति सौ वर्ष तक स्वस्थ और सुखी जीवन जिए, उसे ईश्वर का आशीर्वाद मिले, उसके अच्छे कर्म उसे सम्मान दिलाएं और उसका जीवन उद्देश्यपूर्ण, सार्थक तथा प्रेरणादायक बने.
क्यों वायरल हो रहा है यह गीत?
साहना सिंह ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस गीत का अर्थ जाना, तो उन्हें महसूस हुआ कि इसके बाद सिर्फ 'Happy Birthday' गाना उन्हें अधूरा लगने लगा. उन्होंने इस बारे में स्वामी तेजोमयानंद से भी बातचीत की.
उनके अनुसार, यह गीत शुरुआत में युवाओं के लिए लिखा गया था. बाद में इसकी कुछ पंक्तियों में बदलाव किए गए, ताकि इसे अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों के लिए भी गाया जा सके.
देखें वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने कहा कि वे वर्षों से 'जन्मदिनम इदम्' गाते आ रहे हैं. वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स ने लिखा कि उन्होंने पहली बार इस गीत का अर्थ जाना और अब वे अपने परिवार और दोस्तों के जन्मदिन पर यही गीत गाना चाहेंगे.
कुछ लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और संस्कृत साहित्य की सुंदर परंपरा बताया, जबकि कई यूजर्स ने कहा कि यह गीत केवल जन्मदिन की बधाई नहीं देता, बल्कि इंसान को अच्छे जीवन की प्रेरणा भी देता है.
क्यों खास है 'जन्मदिनम इदम्'?
'जन्मदिनम इदम्' की सबसे बड़ी खासियत इसका संदेश है. यह गीत सिर्फ जन्मदिन की शुभकामना तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्वस्थ जीवन, दीर्घायु, सदाचार, ईश्वर के आशीर्वाद और सार्थक जीवन की कामना करता है. शायद यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इसे सुनने के बाद कई लोग कह रहे हैं कि जन्मदिन की शुभकामना देने का यह तरीका उन्हें पहले से कहीं अधिक अर्थपूर्ण लगा.
aajtak.in