सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक के बाद एक लाइन में 100 से ज्यादा फॉर्च्युनर और थार खड़ी नजर आती है. इसके बाद दमन के कलेक्टर की एंट्री होती है और वो थार-फॉर्च्युनर के मालिकों को शपथ दिलाते हैं कि वो अच्छे से गाड़ी चलाएंगे. दरअसल, ये वीडियो दमन में प्रशासन और आरटीओ विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान 'रफ्तार नहीं, संस्कार' का है.इसमें खास तौर पर थार और फॉर्च्यूनर गाड़ियों के मालिकों को ही बुलाया गया. फिर उन्हें गाड़ी चलाते समय स्पीड पर कंट्रोल रखने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सड़क पर किसी भी तरह की हीरोगिरी या भाईगिरी नहीं करने का संकल्प दिलाया गया.
अब दमन का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें काफी लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कई लोग प्रशासन की इस संकल्प यात्रा को लेकर कह रहे हैं कि क्या शपथ से कोई बदलाव आएगा? एक यूजर ने लिखा, 'राजनेता, आईपीएस, आईएएस सब शपथ लेते हैं. शादी में भी लोग शपथ लेते हैं, लेकिन अंत में मौत या पैसे का मामला हो जाता है. मेरे हिसाब से सिर्फ एक ही न्याय होना चाहिए, अगर कानून टूटता है, तो कानून के मुताबिक सजा मिलनी ही चाहिए. जिस कानून का उल्लंघन हुआ है, उसी के हिसाब से कार्रवाई होनी चाहिए. यह इतना सरल है.'
वहीं, एक यूजर ने सिर्फ थार और फॉर्च्युनर वालों को बुलाने को लेकर कहा, 'मेरे पास भी 5-डोर थार है. मैं एक जिम्मेदार ड्राइवर हूं. लोग देश की सेवा करने की शपथ लेते हैं, फिर भी रिश्वत लेते हुए पकड़े जाते हैं. नियमों को जमीनी स्तर तक लागू करने की जरूरत है और इसकी शुरुआत सरकारी संस्थाओं से ही होनी चाहिए.' कुछ यूजर्स का कहना है कि शपथ के साथ कानून को सख्त करने की जरूरत है. हालांकि, कुछ लोग प्रशासन के इस फैसले का काफी तारीफ कर रहे हैं.
बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश दमन में प्रशासन और आरटीओ विभाग की ओर से एक विशेष अभियान के तहत थार और फॉर्च्यूनर संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया था. इस रैली का उद्देश्य थार और फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी गाड़ियों के चालकों को तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखने और वाहन चलाते समय हीरोगिरी और भाईगिरी से दूर रहने के लिए जागरूक करना था.
रैली में बड़ी संख्या में थार और फॉर्च्यूनर वाहन मालिक शामिल हुए. पिछले कुछ समय से थार और फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी गाड़ियों से लापरवाही और तेज रफ्तार में ड्राइविंग करने के मामले सामने आते रहे हैं. कई मामलों में वाहन चालकों की लापरवाही के चलते सड़क हादसे भी हुए हैं.
aajtak.in