25 हजार रुपये की नौकरी छोड़ कैब चलाने लगा शख्स, अब कमाई सुनकर CEO भी मुस्कुरा दिए

गुरुग्राम के एक स्टार्टअप CEO की कैब ड्राइवर से हुई बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. ड्राइवर ने बताया कि वह पहले 25 हजार रुपये महीने की नौकरी करता था, लेकिन ज्यादा कमाई की उम्मीद में नौकरी छोड़कर कैब चलाने लगा. जब CEO ने पूछा कि क्या अब वह 1 लाख रुपये तक कमा लेता है, तो उसका जवाब सुनकर लोग भी सोच में पड़ गए.

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इस वीडियो ने भारत में तेजी से बढ़ रही गिग इकॉनमी को लेकर भी बहस छेड़ दी है (Photo:Insta/@KaashSeekash) इस वीडियो ने भारत में तेजी से बढ़ रही गिग इकॉनमी को लेकर भी बहस छेड़ दी है (Photo:Insta/@KaashSeekash)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:11 PM IST

क्या 9 से 5 की नौकरी छोड़कर खुद का काम करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है? वायरल हो रहे एक वीडियो ने इसी सवाल को फिर से चर्चा में ला दिया है. वीडियो में गुरुग्राम की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी जिप इलेक्ट्रिक के CEO आकाश गुप्ता की एक कैब ड्राइवर से बातचीत लोगों का ध्यान खींच रही है.

वीडियो में आकाश गुप्ता कैब ड्राइवर से उसकी कमाई और पुराने काम के बारे में पूछते हैं. बातचीत के दौरान ड्राइवर बताता है कि वह पहले एक कंपनी में नौकरी करता था, जहां उसे हर महीने करीब 25 हजार सैलरी मिलती थी.

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इसके बाद CEO मुस्कुराते हुए उससे पूछते हैं तो अब क्या 1 लाख के आसपास कमा लेते हो? इस सवाल पर ड्राइवर भी मुस्कुरा देता है और इशारों में बताता है कि पहले के मुकाबले अब उसकी कमाई काफी बेहतर है. वह यह भी कहता है कि ज्यादा कमाई की संभावना ही उसकी नौकरी छोड़ने की सबसे बड़ी वजह थी.

वीडियो ने छेड़ दी नई बहस

यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग दो हिस्सों में बंट गए. कुछ यूजर्स का कहना है कि अगर मेहनत के दम पर ज्यादा कमाई हो रही है तो स्वरोजगार बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं कई लोगों ने कहा कि नौकरी की स्थिर आय, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की भी अपनी अहमियत होती है.

देखें वीडियो

गिग इकॉनमी पर फिर हुई चर्चा

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इस वीडियो ने भारत में तेजी से बढ़ रही गिग इकॉनमी को लेकर भी बहस छेड़ दी है.गिग इकॉनमी ऐसी व्यवस्था होती है, जिसमें लोग किसी कंपनी के स्थायी कर्मचारी बनने की बजाय फ्रीलांस, कॉन्ट्रैक्ट या टास्क-आधारित काम करते हैं. उन्हें महीने की तय सैलरी के बजाय किए गए काम या पूरी की गई सर्विस के हिसाब से भुगतान मिलता है।. पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में लोग फूड डिलीवरी, कैब ड्राइविंग और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़कर पारंपरिक नौकरी की बजाय स्वरोजगार का रास्ता अपना रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि इसमें मेहनत के हिसाब से कमाई बढ़ाने का मौका मिलता है, जबकि कुछ लोग इसे अनिश्चित आय वाला क्षेत्र भी मानते हैं.

सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?

वीडियो देखने के बाद कई यूजर्स ने लिखा कि आज के समय में सिर्फ नौकरी ही कमाई का एकमात्र जरिया नहीं रह गई है. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है और कमाई कई बातों पर निर्भर करती है, इसलिए किसी एक उदाहरण के आधार पर सभी के लिए निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.

हालांकि, इस वायरल बातचीत ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि AI के दौर में क्या ज्यादा लोग पारंपरिक नौकरी छोड़कर स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे हैं. यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और लाखों लोग इसे देख चुके हैं.

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