महंगाई पर भारी पड़ा पर्यटन, ग्लोबल टूरिज्म ने बनाया रिकॉर्ड! 1.5 अरब लोगों ने की विदेश यात्रा

2024 के मुकाबले 4 प्रतिशत (6 करोड़ सैलानी) की शानदार वृद्धि दर्ज की गई. यह आंकड़ा साफ करता है कि बेहतर कनेक्टिविटी और आसान वीजा नियमों ने वैश्विक पर्यटन को एक नया 'पावरहाउस' बना दिया है.

Advertisement
पिछले साल 1.52 अरब लोगों ने की अंतरराष्ट्रीय यात्रा (Photo: Pixabay) पिछले साल 1.52 अरब लोगों ने की अंतरराष्ट्रीय यात्रा (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:12 PM IST

दुनियाभर में बढ़ते तनाव और आसमान छूती महंगाई को देखकर अक्सर लगता है कि शायद लोग अब घरों में सिमट रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन (UNWTO) के ताजा आंकड़े गवाह हैं कि साल 2025 में दुनिया नापने का जुनून हर बाधा पर भारी पड़ा है. पिछले साल वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड 1.52 अरब अंतरराष्ट्रीय पर्यटक अपनी यात्राओं पर निकले, जो कि 2024 की तुलना में करीब 6 करोड़ ज्यादा है.

Advertisement

इतना ही नहीं, यह आंकड़ा साफ इशारा कर रहा है कि अब पर्यटन सिर्फ शौक नहीं, बल्कि एक वैश्विक लहर बन चुका है जिसे न तो महंगा सफर रोक पा रहा है और न ही सीमाओं का तनाव. हैरानी की बात यह है कि इस बार विकास की इस दौड़ में कोई जाना-माना विकसित देश नहीं, बल्कि अफ्रीका दुनिया का नया 'टूरिज्म पावरहाउस' बनकर उभरा है. यहीं नहीं, वीजा नियमों में ढील और बेहतर होती फ्लाइट कनेक्टिविटी ने इस रिकॉर्ड को बनाने में 'फ्यूल' की तरह काम किया है.

जहां यूरोप अब भी सैलानियों की पहली पसंद के तौर पर अपनी बादशाहत बरकरार रखे हुए है, वहीं एशिया-प्रशांत और अमेरिका जैसे क्षेत्र भी अब अपनी पुरानी लय में लौटते दिख रहे हैं. लिहाजा, 2025 का साल वैश्विक पर्यटन के इतिहास में एक ऐसे कीर्तिमान के रूप में दर्ज हो गया है, जहां से अब 2026 की उम्मीदें और भी आसमान छू रही हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: एक नाम, एक ही नंबर और 9 राज्यों का सफर...वो ट्रेन जो एक साथ 3 जगह दिखती है!

अफ्रीका बना नया लीडर, यूरोप की बादशाहत बरकरार

विकास की इस दौड़ में सबसे चौंकाने वाले नतीजे अफ्रीका से आए हैं. पिछले साल यहां अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में 8 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की गई और करीब 8.1 करोड़ सैलानी पहुंचे. वहीं दूसरी ओर, कुल पर्यटकों की संख्या में यूरोप अब भी नंबर-1 बना हुआ है, जहां 2025 में 79.3 करोड़ पर्यटक आए. इतना ही नहीं, अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्रों में भी पर्यटकों की संख्या में लगातार सुधार देखा गया है.

महंगाई और तनाव पर भारी पड़ा घूमने का जुनून

UNWTO की महासचिव शेखा अल नौवैस के अनुसार, 2025 में चुनौतियां कम नहीं थीं. लेकिन, इसके बावजूद यात्रा की मांग में कोई कमी नहीं आई. दरअसल, आसान वीजा नियमों और बेहतर कनेक्टिविटी ने पर्यटन को जीवंत बनाए रखा. यही कारण है कि ब्राजील, मिस्र, मोरक्को, जापान और भूटान जैसे देशों में पर्यटकों की संख्या में 'डबल डिजिट' की भारी वृद्धि देखी गई है.

यह भी पढ़ें: देशभक्ति के रंग में रंगना है, तो 26 जनवरी पर इन ऐतिहासिक स्थलों की सैर करना न भूलें

2026 की चुनौती: वर्ल्ड कप और ओलंपिक से जगी उम्मीदें

Advertisement

विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में 3 से 4 प्रतिशत तक की और वृद्धि हो सकती है. इतना ही नहीं, इस साल होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 और शीतकालीन ओलंपिक जैसे बड़े आयोजन वैश्विक पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी आगाह किया है कि यात्रा का बढ़ता खर्च और भू-राजनीतिक जोखिम 2026 में बड़ी चुनौतियां बन सकते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement