'आतंकी संगठनों से संबंध, US नहीं आ सकते', FIFA रेफरी की एंट्री पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का ब्रेक

FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को अमेरिका ने एंट्री देने से इनकार कर दिया. ट्रंप प्रशासन ने उन पर संदिग्ध आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के साथ संबंध होने का आरोप लगाया. 11 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें तुर्किये वापस भेज दिया गया. FIFA ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जबकि आर्टन ने 2030 वर्ल्ड कप में वापसी का संकल्प लिया.

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पहला सोमाली वर्ल्ड कप रेफरी बनने से चूके उमर आर्टन (Photo: Reuters ) पहला सोमाली वर्ल्ड कप रेफरी बनने से चूके उमर आर्टन (Photo: Reuters )

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:40 PM IST

FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले अमेरिका ने सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया है. अब ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दावा किया है कि आर्टन के संदिग्ध आतंकी संगठनों के सदस्यों से संबंध पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें अमेरिकी कानून के तहत प्रवेश के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया.

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बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) द्वारा अतिरिक्त जांच के दौरान कथित तौर पर ऐसी जानकारी सामने आई, जिसके आधार पर आर्टन को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई. ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को देश में प्रवेश नहीं करने देगा और इसी वजह से इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट (INA) के तहत कार्रवाई की गई.

उमर आर्टन के पास राजनयिक पासपोर्ट और अमेरिका के लिए सिंगल-एंट्री वीजा था. वह 8 जून को मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्हें कई घंटों तक हिरासत में रखा गया. रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 11 घंटे तक इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें इस्तांबुल, तुर्किये जाने वाली फ्लाइट में बैठाकर वापस भेज दिया गया.

इस फैसले के कारण आर्टन का वह सपना टूट गया जिसमें वह FIFA वर्ल्ड मैच में रेफरिंग करने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने जा रहे थे. हालांकि, उनके लिए केवल कनाडा या मेक्सिको में मैच ऑफिशिएट करना भी संभव नहीं था क्योंकि टूर्नामेंट के सभी ऑन-फील्ड अधिकारियों को सुरक्षा, प्रशिक्षण और तैयारियों के लिए फ्लोरिडा में मौजूद रहना आवश्यक था.

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सोमालिया की राजधानी मोगादिशु लौटने पर आर्टन का जोरदार स्वागत किया गया. वहां उन्होंने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सब किस्मत में लिखा था, लेकिन वह हार नहीं मानेंगे. आर्टन ने भरोसा जताया कि वह 2030 फीफा वर्ल्ड कप में रेफरी के रूप में जरूर नजर आएंगे. 2030 का टूर्नामेंट मोरक्को, पुर्तगाल और स्पेन की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा, जबकि उरुग्वे, अर्जेंटीना और पैराग्वे में भी एक-एक मैच आयोजित होगा.

आर्टन ने कहा- मैं अधिकारियों, मंत्रियों, सांसदों और अपने देश के लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं. FIFA लगातार मेरे संपर्क में रहा और मोगादिशु पहुंचने तक मेरा सपोर्ट करता रहा. मैं वादा करता हूं कि अगले वर्ल्ड कप में रेफरी के रूप में लौटूंगा.

सोमाल‍िया पर ट्रंप ने लगाया था बैन 
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सोमालिया उन 12 देशों में शामिल है, जिन पर ट्रंप प्रशासन ने जून 2025 में यात्रा प्रतिबंध लगाया था. ट्रंप पहले भी सोमालिया को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं. दिसंबर 2025 में उन्होंने कहा था कि सोमालिया मुश्किल से एक देश है और वहां कोई ठोस व्यवस्था नहीं है.

FIFA अध्यक्ष जियानी इंफैन्टिनो ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि किसी संप्रभु सरकार के फैसले में FIFA हस्तक्षेप नहीं कर सकता. इंफैन्टिनो ने कहा कि संगठन मामले पर चर्चा करेगा और समाधान खोजने की कोशिश करेगा, लेकिन FIFA दुनिया की सरकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में ईरान की टीम का खेलना भी एक चुनौतीपूर्ण विषय रहा है.

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उमर आर्टन का मामला अब FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेल और राजनीति के टकराव का बड़ा उदाहरण बन गया है. जहां एक तरफ अमेरिका सुरक्षा चिंताओं का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोमालिया और खेल जगत के कई लोग इसे एक प्रतिभाशाली रेफरी के साथ अन्याय के रूप में देख रहे हैं.

 

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