भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने स्पष्ट किया कि रविवार को महिला एशिया कप 2026 की विजेता ट्रॉफी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी से न लेने का फैसला बीसीसीआई ने लिया था.
उन्होंने कहा कि श्रीलंका को फाइनल में 72 रन से हराने के बाद टीम ने बोर्ड के इस फैसले का पूरी तरह समर्थन किया. मजूमदार ने कहा कि इस विवाद से टीम की खिताबी जीत की चमक बिल्कुल कम नहीं होगी.
हम चैम्पियन हैं, ये काफी है
मैच खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि ये रुख बीसीसीआई ने तय किया था और टीम इसके साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने कहा कि उनके लिए ये टूर्नामेंट आधिकारिक तौर पर खत्म हो चुका है. बड़े बोर्ड पर साफ लिखा था कि भारत एशिया कप 2026 का चैंपियन है, और ये बात उनके लिए काफी है. अब टीम की निगाहें आगामी एशियन गेम्स पर टिकी हैं.
खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ पर है गर्व
कोच मजूमदार ने कहा कि टीम के हर एक सदस्य पर उन्हें बेहद गर्व है. उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम को अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है. उन्होंने कहा कि इस पूरी यूनिट (जिसमें खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं) सभी ने शानदार प्रदर्शन किया है. टीम इस बात से बेहद खुश है कि वो टूर्नामेंट के चैंपियन बनकर उभरे हैं.
बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने इंडिया टुडे-आजतक को बताया कि भारत शुरू से ही नकवी से ट्रॉफी लेने के खिलाफ था, लेकिन फिर भी नकवी को दो विकल्प दिए गए थे. पहला प्रस्ताव ये था कि एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंप दें. दूसरा विकल्प था कि हालिया परंपरा के अनुसार विजेता बोर्ड का प्रतिनिधि ही अपनी टीम को ट्रॉफी प्रदान करे.
BCCI ने नकवी के सामने रखे थे दो विकल्प
सैकिया ने बताया कि नकवी ने दोनों ही प्रस्तावों को सीधे तौर पर ठुकरा दिया. नकवी अपनी जिद पर अड़े रहे कि ट्रॉफी वही सौंपेंगे, लेकिन भारतीय टीम भी अपने रुख पर कायम रही और ट्रॉफी लेने से मना कर दिया. मैच के दौरान नकवी बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव सैकिया के साथ बैठे दिखे थे, लेकिन अंत में गतिरोध के चलते टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं दी जा सकी.
'जिद पर अड़े नकवी'
वहीं, फाइनल मुकाबला खत्म होने के बाद जब आधिकारिक प्रेजेंटेशन शुरू हुई तो नकवी ने श्रीलंकाई कप्तान चमारी अट्टापट्टू को रनर-अप का चेक सौंपा. इसके बाद अट्टापट्टू ने प्रजेंटर और श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर परवेज महारूफ से बात की और इसके तुरंत बाद अवार्ड सेरेमनी खत्म हो गई. इसके बाद नकवी एसीसी के अन्य अधिकारियों के साथ मैदान छोड़कर चले गए, जबकि भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी और गोल्ड मेडल नहीं दिए गए.
आपको बता दें कि ये पूरा विवाद सितंबर 2025 में हुए पुरुष एशिया कप फाइनल की याद दिलाता है. तब भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था और तनावपूर्ण संबंधों के कारण नकवी से ट्रॉफी लेने से मना किया था. भारत ने अमीरात क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी से ट्रॉफी दिलाने की मांग की थी, जिसे नकवी ने खारिज कर दिया था. उस वक्त भी एसीसी अधिकारी मैदान से ट्रॉफी हटाकर ले गए थे.
राहुल रावत / नितिन कुमार श्रीवास्तव