जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज भारतीय गेंदबाजों ने दमदार तरीके से किया. पारी की पहली ही गेंद पर मयंक यादव ने विकेट लेकर अपने इरादे साफ कर दिए. भारत की तरफ से इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस के लिए आईपीएल में कमाल का प्रदर्शन करने वाले अशोक शर्मा का डेब्यू हुआ. इस सीरीज में कई सीनियर गेंदबाजों को आराम दिया गया है. यही वजह है कि अशोक को प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला है.
रफ्तार ने दिलाई अलग पहचान
रफ्तार के सौदागर मयंक यादव के साथ-साथ अशोक शर्मा ने भी अपनी गेंदबाजी से दिग्गजों का ध्यान खींचने का काम किया है. आईपीएल में 150 किमी/घंटे से ज्यादा की रफ्तार और हार्ड-लेंथ गेंदबाजी से कहर ढाने के बाद अब आखिरकार भारत के लिए भी खेलने का मौका मिल गया है. अशोक शर्मा के लिए टीम इंडिया में पहुंचने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है.
भाई ने कुर्बान कर दिया अपना सपना
राजस्थान के जयपुर के पास रामपुर गांव से ताल्लुक रखने वाले अशोक शर्मा के परिवार की आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी. अशोक और उनके बड़े भाई दोनों को क्रिकेट खेलने का शौक था. लेकिन पिता की सैलरी इतनी नहीं थी कि दो बच्चों के क्रिकेट का खर्च उठा सके. ऐसे में खुद जिला स्तर पर क्रिकेट खेलने वाले अशोक के बड़े भाई अक्षय शर्मा ने एक बड़ा फैसला लिया. उन्होंने अपने छोटे भाई के लिए अपना सपना कुर्बान कर दिया. अशोक ने बताया था कि मेरे बड़े भाई ने मेरे लिए अपना करियर छोड़ दिया. अगर वह नहीं होते, तो मैं आज यहां तक कभी नहीं पहुंच पाता.
IPL 2026 में फेंकी थी सबसे तेज गेंद
आईपीएल 2026 की नीलामी में गुजरात टाइटंस ने अशोक को 90 लाख रुपये में खरीदा. अशोक ने अपनी रफ्तार से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ध्रुव जुरेल को 154.2 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी, जो उस सीजन की सबसे तेज गेंद दर्ज की गई.
घरेलू क्रिकेट में भी दमदार रहा है प्रदर्शन
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (2025-26) में अशोक शर्मा 10 मैचों में 22 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे. मुंबई के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में जब टीम संकट में थी, तब अशोक ने अजिंक्य रहाणे, सरफराज खान और सिद्धेश लाड जैसे दिग्गजों को आउट कर मैच का पासा पलट दिया था.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क