आईपीएल 2026 का फाइनल गुजरात टाइटन्स (GT) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज (31 मई) खेला जाएगा. दोनों टीमें दूसरी बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी, लेकिन मुकाबले से पहले एक ऐसा रिकॉर्ड सामने आया है जो RCB के प्रशंसकों को उत्साहित कर सकता है और गुजरात की चिंता बढ़ा सकता है.
दरअसल, आईपीएल में 2018 से एक ट्रेंड लगातार चला आ रहा है. क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम ने हर बार फाइनल में भी बाजी मारी है. इस बार क्वालिफायर-1 में RCB ने गुजरात टाइटन्स को एकतरफा अंदाज में हराकर सीधे फाइनल का टिकट कटाया था. ऐसे में इतिहास बेंगलुरु के पक्ष में खड़ा नजर आता है.
8 साल से नहीं टूटा यह 'फॉर्मूला'
आईपीएल का मौजूदा प्लेऑफ फॉर्मेट टीमों को दूसरा मौका देता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम ने उस बढ़त का पूरा फायदा उठाया है.
2018: चेन्नई सुपर किंग्स ने क्वालिफायर-1 जीता, फिर ट्रॉफी भी जीती
2019: मुंबई इंडियंस ने यही कारनामा किया
2020: मुंबई इंडियंस ने ट्रेंड बरकरार रखा
2021: चेन्नई सुपर किंग्स चैम्पियन बनी
2022: गुजरात टाइटन्स ने क्वालिफायर-1 जीतकर ट्रॉफी उठाई
2023: चेन्नई सुपर किंग्स ने इतिहास दोहराया
2024: कोलकाता नाइट राइडर्स- क्वालिफायर-1 विजेता टीम ने फाइनल भी जीता
2025: यह सिलसिला जारी रहा... रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने कमाल किया
अब 2026 में क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम RCB है. ऐसे में आंकड़े उसके पक्ष में दिखाई देते हैं.
... लेकिन अहमदाबाद गुजरात का किला है
अगर इतिहास RCB के साथ है तो हालिया रिकॉर्ड गुजरात के पक्ष में है. नरेंद्र मोदी स्टेडियम GT का घरेलू मैदान है और टीम यहां लगातार चार मैच जीत चुकी है. इनमें RCB के खिलाफ दर्ज की गई जीत भी शामिल है. ऐसे में शुभमन गिल की टीम अपने घर में ट्रॉफी उठाने का सपना लेकर उतरेगी.
पावरप्ले में तय हो सकता है फाइनल
अहमदाबाद की मिक्स्ड-सॉइल पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है. ऐसे में मुकाबले का नतीजा शुरुआती छह ओवरों में ही तय हो सकता है. गुजरात के पास कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जबकि RCB की बल्लेबाजी विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के इर्द-गिर्द घूमती है.
गिल-सुदर्शन की आग, विराट का अनुभव
शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने इस सीजन रन बनाने की मशीन की तरह प्रदर्शन किया है. दोनों 700+ रन के आंकड़े को पार कर चुके हैं. जोस बटलर की मौजूदगी गुजरात के टॉप ऑर्डर को और खतरनाक बनाती है.
दूसरी तरफ विराट कोहली ने एक और 600+ रन वाला सीजन खेला है. 2024 से अब तक उनके बल्ले से लगभग 2000 रन निकल चुके हैं. देवदत्त पडिक्कल ने भी बिना ज्यादा सुर्खियां बटोरे शानदार प्रदर्शन किया है. बड़े मैच में RCB को उनसे बड़ी उम्मीदें होंगी.
मिडिल ऑर्डर में RCB का पलड़ा भारी?
रजत पाटीदार, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड और क्रुणाल पांड्या RCB को मिडिल ओवर्स में अतिरिक्त ताकत देते हैं. वहीं गुजरात की उम्मीदें राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर और निशांत सिंधु पर टिकी होंगी.
फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में यही विभाग जीत और हार का अंतर पैदा कर सकता है.
रबाडा की नजर पर्पल कैप पर
कगिसो रबाडा 28 विकेट के साथ शानदार सीजन खेल रहे हैं और 30 विकेट के आंकड़े से सिर्फ दो कदम दूर हैं. अगर वह ऐसा कर लेते हैं तो अलग-अलग टीमों के लिए दो अलग-अलग सीजन में 30 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज हो जाएंगे. इससे पहले रबाडा ने 2020 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए 30 विकेट हासिल कर पर्पल कैप जीती थी.
हर्षल पटेल ने भी दो अलग-अलग टीमों से पर्पल कैप जीती है... लेकिन एक बार उन्होंने RCB के लिए 2021 में 32 विकेट और दूसरी बार पंजाब किंग्स के लिए 2024 में 24 विकेट निकाले. यानी एक बार तो उन्हें 30+ विकेट मिला, लेकिन दूसरी बार 30 का आंकड़ा छू नहीं पाए और 24 पर ही रुक गए.
दूसरी ओर इस बार अब तक भुवनेश्वर कुमार के खाते में 26 विकेट हैं.
आईपीएल इतिहास में केवल दो टीमें ही अपने खिताब का सफल बचाव कर पाई हैं- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स. अब रजत पाटीदार की RCB के पास इस खास क्लब में शामिल होने का मौका है.
अब फैसला मैदान पर होगा. क्या RCB क्वालिफायर-1 विजेताओं की सुनहरी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लगातार दूसरा खिताब अपने नाम करेगी, या फिर शुभमन गिल की गुजरात टाइटन्स अपने घरेलू मैदान पर इतिहास को झुकाने में कामयाब होगी?
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क