टीएमसी के बागी असली पार्टी बनने का दावा कर रहे हैं और खबरों के अनुसार टीएमसी अपने संविधान के अनुसार नहीं चल रही थी. कई फैसले पार्टी के संविधान के खिलाफ लिए गए थे. काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में इस बात की विस्तृत जानकारी दी है. यह कदम टीएमसी की आंतरिक स्थिति को दर्शाता है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है.