भारी कर्ज में डूबी किशोर बियानी की कंपनी फ्यूचर रिटेल बिकने जा रही है. एनसीएलटी यानी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई शाखा ने फ्यूचर रिटेल को परिसमापन के लिए स्वीकार कर लिया है. दरअसल परिसमापन एक दिवालियापन प्रक्रिया है जिसका उपयोग किसी सीमित कंपनी को बंद करने के लिए किया जाता है. ये प्रक्रिया तब शुरू की जाती है, जब कंपनी के फिर से खड़े होने की संभावना नहीं दिखाई देती है.