यह वीडियो युवाओं के आंदोलन को लेकर राजनीति के दांव-पेंचों पर प्रकाश डालता है. इसमें बताया गया है कि कुछ नेता जहां इस आंदोलन का गलत फायदा उठाकर अपनी राजनीतिक छवि चमकाना चाहते हैं, वहीं वे प्रणाली में सुधार के लिए सच्चे प्रयास नहीं कर रहे हैं. पांच वर्षों में राजस्थान में 17 पेपर लीक और अन्य विपक्षी राज्यों में 100 से अधिक पेपर लीक होने के तथ्य सामने रखे गए हैं.