महाभूकंप से तबाही, डरा गई सुनामी भी... फिलीपींस की गलियां बर्बादी की गवाही, Video

दक्षिणी फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप में 41 लोगों की मौत हो गई और 450 से अधिक घायल हैं. मलबे के कारण कई इलाके कट गए हैं. सुनामी लहरों का वीडियो वायरल हो रहा है.

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फिलीपींस के जनरल सैंटोस में भूकंप की वजह से गिरी इमारत के पास से गुजरते बाइक सवार. (Photo: AP) फिलीपींस के जनरल सैंटोस में भूकंप की वजह से गिरी इमारत के पास से गुजरते बाइक सवार. (Photo: AP)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश फिलीपींस में 8 जून 2026 को मिंडानाओ द्वीप के तट पर आए 7.8 तीव्रता के इस भूकंप के बाद मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता हुआ 41 तक पहुंच गया है. भूकंप के तेज झटकों के कारण दर्जनों बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, सड़कें बीच से फट गईं और पूरे क्षेत्र में सुनामी की गंभीर चेतावनी जारी होने से लाखों लोगों में दहशत फैल गई.

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मंगलवार को भी स्थिति गंभीर बनी हुई है. राष्ट्रीय और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 450 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि हजारों लोग बेघर होकर विस्थापित हो चुके हैं. 

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सबसे ज्यादा प्रभावित सारंगानी प्रांत के कई इलाके मुख्य भूमि से पूरी तरह कट चुके हैं, जहां अब केवल हेलिकॉप्टर के जरिए ही पहुंचा जा सकता है. लगातार आ रहे शक्तिशाली आफ्टरशॉक्स के कारण राहत और बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

चिलचिलाती धूप में इलाज और नवजात की किलकारी

भूकंप का सबसे दर्दनाक और अभूतपूर्व असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है. क्षेत्र के सबसे बड़े शहर जनरल सैंटोस और उसके आसपास के इलाकों में अस्पतालों की इमारतों को इतनी गंभीर क्षति पहुंची है कि डॉक्टरों को मरीजों का इलाज खुले आसमान के नीचे और अस्थाई टेंट लगाकर करना पड़ रहा है.

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सारंगानी प्रांतीय अस्पताल के बाहर चिलचिलाती धूप के बीच सैकड़ों मरीजों के बेड लगाए गए हैं. भूकंप के कारण मुख्य अस्पताल की दीवारों में बड़ी दरारें आ गई हैं. म्यूनिसिपल इंजीनियरों ने इमारत को असुरक्षित घोषित कर दिया है, जिसके कारण मरीजों को अंदर रखना जानलेवा हो सकता है.

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इसी अफरा-तफरी और संकट के बीच जनरल सैंटोस के एक अस्पताल के बाहर एक अद्भुत और भावुक कर देने वाला नजारा भी देखने को मिला. मलबे और तबाही के बीच, एक अस्थाई स्क्रीन के पीछे डॉक्टरों की मदद से एक युवा मां ने खुले आसमान के नीचे एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. 

आपदा के इस खौफनाक माहौल के बीच नवजात शिशु की किलकारी ने राहत कर्मियों और वहां मौजूद लोगों के चेहरों पर उम्मीद की एक नई किरण जगा दी. दूसरी ओर, ग्लान नगर पालिका में एक अन्य अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि डर से 60 से अधिक मरीजों को बाहर शिफ्ट किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.

भूस्खलन का कहर और मलबे से जिंदगी तलाशने की जंग

इस 7.8 तीव्रता के भूकंप ने न केवल इमारतों को गिराया, बल्कि पहाड़ी इलाकों में विनाशकारी भूस्खलन भी हुए. ग्लान क्षेत्र में आए एक विशाल भूस्खलन के कारण कम से कम 13 लोग अपने ही घरों के भीतर जिंदा दफन हो गए। मंगलवार सुबह से ही खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों के साथ बचाव दल मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के काम में जुटे हैं. 

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जनरल सैंटोस शहर में एक ढह गई ग्रोसरी स्टोर के बाहर भारी कंक्रीट और मुड़े हुए लोहे के सरियों के बीच दो लापता कर्मचारियों को ढूंढने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. अब यह अभियान 'रेस्क्यू'से ज्यादा 'रिकवरी' की ओर बढ़ रहा है. मलबे के नीचे दबे लोगों के इतने घंटों बाद जीवित बचने की संभावना बेहद कम रह गई है. 

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तटीय इलाकों के एक रिज़ॉर्ट से दो लोग उस समय लापता हो गए जब भूकंप के झटके के दौरान समुद्र का पानी अचानक हिंसक रूप से उथल-पुथल करने लगा था. कोस्ट गार्ड के हाई-स्पीड जहाज समुद्र में इन लापता तैराकों की तलाश कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल खौफनाक वीडियो और सुनामी 

भूकंप के दौरान के कई दिल दहला देने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) ने पुष्टि की है. एक वीडियो में जनरल सैंटोस के एक मशहूर शॉपिंग सेंटर की बहुमंजिला इमारत को पलक झपकते ही जमींदोज होते देखा जा सकता है, जिसमें एक प्रसिद्ध फास्ट-फूड रेस्तरां भी शामिल था. 

एक अन्य बेहद भावुक करने वाले वीडियो में, प्राथमिक स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे डर के मारे चीखते-चिल्लाते हुए अपनी महिला शिक्षकों के गले लगते नजर आ रहे हैं, जबकि भूकंप के झटके जमीन पर खड़े बच्चों को बुरी तरह आगे-पीछे हिला रहे हैं. वीडियो के अंत में स्कूल परिसर की एक लोहे की संरचना भरभरा कर गिरती दिखती है.

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भूकंप के तुरंत बाद फिलीपींस सहित पड़ोसी देश इंडोनेशिया, जापान और प्रशांत महासागर के क्षेत्रीय चेतावनी केंद्रों द्वारा सुनामी की हाई-अलर्ट एडवाइज़री जारी की गई थी, जिसके बाद तटीय इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए. 

मंगलवार दोपहर तक यह खतरा टल गया और सभी अलर्ट वापस ले लिए गए. जापान के प्रशांत तट पर जरूर सुनामी की हल्की लहरें पहुंचीं, लेकिन उनकी ऊंचाई महज 20 सेंटीमीटर (लगभग 8 इंच) ही दर्ज की गई, जिससे वहां कोई नुकसान नहीं हुआ.

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पैसिफिक 'रिंग ऑफ फायर' का पुराना इतिहास

फिलीपींस के लिए भूकंप का यह दर्दनाक अनुभव नया नहीं है. यह पूरा देश प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जो अपनी अत्यधिक टेक्टोनिक गतिविधियों के कारण दुनिया में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है. 

इससे पहले, अक्टूबर 2025 में भी पूर्वी मिंडानाओ में 7.4 और 6.7 तीव्रता के दो बैक-टू-बैक भूकंप आए थे, जिसमें कम से कम आठ लोगों की जान चली गई थी. लेकिन इस बार का 7.8 तीव्रता का यह महाभूकंप पिछले कई दशकों के सबसे शक्तिशाली झटकों में से एक है, जिसने देश के बुनियादी ढांचे को हिलाकर रख दिया है. 

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