भाग्य चक्र के इस एपिसोड में पंडित शैलेन्द्र पांडे से जानिए 10 महाविद्या के सातवें स्वरूप माँ धूमावती की महिमा और पूजा नियम. माँ धूमावती का प्राकट्य माता सती के भस्म होते शरीर से निकले धुएं से हुआ था. यह स्वरूप दुख, शोक और दरिद्रता को प्रकट करता है. इनकी उपासना बिना गुरु के निर्देश के नहीं करनी चाहिए और महिलाओं को इनके दर्शन से बचना चाहिए. हालांकि, जीवन की बड़ी बाधाओं और दरिद्रता को दूर करने के लिए इनकी पूजा विशेष मानी जाती है. साथ ही जानिए मेष से लेकर मीन राशि तक सभी राशियों का दैनिक राशिफल.