Surya Gochar: अगले 26 दिन 4 राशियों के लिए रहेंगे कष्टदायी! सूर्य-केतु मचाएंगे बड़ा तांडव

Surya Gochar 2026: 17 अगस्त 2026 की सुबह सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं और 17 सितंबर तक यही बैठे रहेंगे. जिसके चलते सिंह राशि में सिंह और केतु की अशुभ युति का निर्माण हो रहा है. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों को सावधान रहना होगा.

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सूर्य गोचर (Photo: ITG) सूर्य गोचर (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

Surya Gochar: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, पिता, मान-सम्मान और नेतृत्व का कारक माना जाता है, जबकि केतु को एक छाया ग्रह, भ्रम और मानसिक तनाव का प्रतीक माना गया है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को सूर्य देव अपनी ही राशि सिंह में प्रवेश कर चुके हैं, जहां मायावी ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं.

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सूर्य की अपनी ही राशि में केतु के साथ यह युति सूर्य-केतु ग्रहण योग का निर्माण कर रही है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जब भी सूर्य पर केतु की छाया पड़ती है, तो व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगाने लगता है, कार्यस्थल पर अड़चनें आती हैं और पिता व उच्च अधिकारियों के साथ संबंध प्रभावित होते हैं. यह अशुभ युति विशेष रूप से 4 राशियों के लिए परेशानियां बढ़ा सकती है. आइए जानते हैं कि सूर्य-केतु की इस युति के दौरान किन राशियों को संभलकर रहने की आवश्यकता है.

वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं और सूर्य का गोचर वृश्चिक राशि के दशम भाव में हलचल पैदा कर सकता है. कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों या बॉस के साथ बहस करने से बचें, वरना नुकसान उठाना पड़ सकता है. कोई भी बड़ा फ़ैसला जल्दबाजी या गुस्से में न लें. किसी नए प्रोजेक्ट में बड़ा निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच-परख कर लें, धन फंसने के योग हैं.

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मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर अष्टम (संकट व अचानक बदलाव) भाव में प्रभावी रहेगा. वाहन चलाते समय या यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतें. कोर्ट-कचहरी या सरकारी कागजी कार्यवाही में लापरवाही न बरतें. अप्रत्याशित खर्चे बजट बिगाड़ सकते हैं. इस समय किसी को भी उधार देने से बचें.

कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर सप्तम (साझेदारी व दांपत्य) भाव को प्रभावित करेगा. जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद या अहंकार की वजह से तनातनी बढ़ सकती है. बिजनेस पार्टनरशिप में किसी भी तरह की ग़लतफहमी से बचें. जीवनसाथी या स्वयं के स्वास्थ्य पर अचानक असर पड़ सकता है, विशेष रूप से पेट व हड्डियों की समस्या का ध्यान रखें.

नकारात्मक प्रभावों से बचने के ज्योतिषीय उपाय

- प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे में जल और चुटकी भर रोली मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करें.

- केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कुत्तों को रोटी या बिस्किट खिलाएं.

- रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और गेहूं या गुड़ का दान करें.

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