Sawan 2026 Mahasanyog: सावन के पहले दिन बनेंगे ये 4 दुर्लभ संयोग, जानें महादेव के पूजन का मुहूर्त

Sawan 2026 Mahasanyog: 30 जुलाई 2026 को सावन का पहला दिन आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, श्रवण नक्षत्र और गुरुवार के दुर्लभ संयोग के साथ आ रहा है. इस दिन शिवजी और भगवान विष्णु की संयुक्त पूजा करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है.

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सावन 2026 (Photo: ITG) सावन 2026 (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

Sawan 2026 Mahasanyog: भगवान भोलेनाथ का प्रिय सावन मास शुरू होने वाला है और हर साल शिवभक्त इस पावन समय का बेसब्री से इंतजार करते हैं. साल 2026 में सावन की शुरुआत बेहद खास और फलदायी रहने वाली है, क्योंकि इस बार पहले ही दिन एक साथ 4 बड़े और दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं. 30 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले सावन के प्रथम दिन ही इन अद्भुत योगों का निर्माण होने से इस दिन का धार्मिक महत्व और पूजा का फल कई गुना बढ़ गया है.

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हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार को होगी और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा. इस पूरे महीने शिव जी का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और सावन सोमवार व्रत रखने का विशेष विधान है. आइए जानते हैं सावन के पहले दिन कौन से 4 शुभ योग बन रहे हैं और इस दिन शिव कृपा पाने के लिए कैसे पूजा करनी चाहिए.

सावन 2026 के पहले दिन बन रहे ये 4 दुर्लभ संयोग

आयुष्मान योग (Ayushman Yog)

सावन के पहले दिन आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है. ज्योतिष शास्त्र में इस योग को उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु प्रदान करने वाला माना गया है. इस योग में भगवान शिव का जलाभिषेक करना और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत कल्याणकारी होता है.

सौभाग्य योग (Saubhagya Yog)

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पहले ही दिन सौभाग्य योग का संयोग भी बन रहा है. जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह योग जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है. इस योग में की गई पूजा, भक्ति और दान-पुण्य का अक्षय फल प्राप्त होता है.

गुरुवार का दुर्लभ दिन 

सावन मास का शुभारंभ गुरुवार के दिन हो रहा है. गुरुवार का दिन सृष्टि के पालहार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है. ऐसे में सावन के पहले दिन महादेव के साथ-साथ श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से हरि-हर दोनों का अखंड आशीर्वाद प्राप्त होगा.

श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग (Shravana Nakshatra Sanyog)

सावन का आरंभ श्रवण नक्षत्र में हो रहा है. श्रवण नक्षत्र को आध्यात्मिक उन्नति, ध्यान और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद श्रेष्ठ माना गया है. इस नक्षत्र में शिव आराधना करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं.

सावन के दिन ये रहेगा शुभ मुहूर्त (Sawan 2026 Pujan Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 18 मिनट से सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक

प्रात: संध्या का मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 39 मिनट से सुबह 5 बजकर 41 मिनट तक

अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक

आप इन सभी मुहूर्तों में भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं.

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सावन के पहले दिन की सरल पूजन विधि

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करके व्रत व पूजा का संकल्प लें.

- घर के मंदिर या शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल चढ़ाएं. फिर दूध, दही, शहद और शर्करा से पंचामृत अभिषेक करें.

- शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं और उनका प्रिय बेलपत्र, धतूरा, भांग, आंकड़े के फूल और अक्षत अर्पित करें.

- पूजा के दौरान ऊं नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जप जरूर करें.

- इस दिन भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाएं और केले या पीली मिठाई का भोग लगाएं. इसके बाद जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करें.

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