सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस पूरे महीने भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर मिलता है. ऐसे में केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि खान-पान, व्यवहार और जीवनशैली का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. यदि आप सावन में कुछ नियमों का पालन करते हैं और कुछ बातों से परहेज करते हैं, तो महादेव की कृपा सदैव आप पर बनी रहती है. आइए ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि सावन के महीने में क्या करना चाहिए और क्या नहीं.
सावन में क्या करें?
1. शिवलिंग का जलाभिषेक
रोजाना भगवान शिव का जलाभिषेक करें. संभव हो तो जल में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और कम से कम एक बेलपत्र अवश्य अर्पित करें.
2. पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक
सावन में एक बार मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक अवश्य कराएं. धार्मिक मान्यता है कि इससे भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं.
3. सोमवार को रुद्राभिषेक
सावन के प्रत्येक सोमवार भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें और उसके बाद गरीबों को भोजन या फल का दान करें. इस दिन व्रत रखें और भगवान को कच्चा दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, और आक के फूल अर्पित करें.
4. शिव पुराण का पाठ
प्रतिदिन अपनी सुविधा के अनुसार शिव पुराण का पाठ करें. थोड़ी मात्रा में भी नियमित पाठ करना शुभ माना गया है.
5. दान
दूध, चावल, चीनी, आटा जैसी सफेद वस्तुओं का अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें. इस दौरान भगवान को खीर का भोग लगाकर उसका प्रसाद वितरित करने से भी बहुत पुण्य मिलता है. इस महीने तांबे का लोटा, जल पात्र, मिट्टी या पीतल का घड़ा व शिव पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री मंदिर में दान करने से भी लाभ होता है.
6. शिव मंत्रों का जाप
रुद्राक्ष की माला से 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप करें. यदि आर्थिक रूप से दान संभव न हो तो श्रमदान करें. मंदिर की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा में सहयोग करें.
सावन में क्या न करें?
1. तामसिक भोजन
प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन न करें. सात्विक भोजन ग्रहण करें. सावन में विशेष रूप से बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए.
2. कठोर वाणी
गाली-गलौच, क्रोध और कटु भाषा से बचें. मधुर और सकारात्मक व्यवहार रखें. परिवार में लड़ाई-झगड़ा, कलह और तनाव से बचें. घर का वातावरण शांत और सौहार्दपूर्ण रखें.
3. भगवान शिव को क्या न चढ़ाएं?
शिवजी को को केतकी, केवड़ा का फूल न चढ़ाएं. इसके अलावा, उन्हें तुलसी, सिंदूर, कुमकुम, हल्दी और शंख से जल बिल्कुल न अर्पित करें.
4. पूजा में लापरवाही
सावन में श्रद्धा, नियम और पवित्रता के साथ भगवान शिव की आराधना करें. दिखावे से अधिक भाव और समर्पण को महत्व दें. यदि आप पूरी श्रद्धा से शिव की उपासना करेंगे तो आपका उद्धार जरूर होगा.
प्रवीण मिश्र, ज्योतिषी