Guru Asta : ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, सौभाग्य, विवाह, संतान और समृद्धि का कारक माना गया है. जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट आ जाता है, तो उसकी चमक और प्रभाव कम हो जाता है, जिसे ग्रह अस्त होना कहते हैं. इस वर्ष 2026 में, 14 जुलाई से 12 अगस्त तक बृहस्पति देव अस्त अवस्था में रहेंगे.
शुभ कार्यों पर रहेगा विराम
गुरु के अस्त होने की इस 30 दिनों की अवधि के दौरान, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक संस्कारों जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं माना जाता है. इस समय में बड़े निवेश, नए व्यापार की शुरुआत या कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है. यह समय आत्म-चिंतन, भविष्य की योजना बनाने और अपनी गलतियों को सुधारने के लिए सबसे उत्तम है. लेकिन इस बार गुरु का अस्त होना कुछ राशियों के लिए गुडलक लेकर आ रहा है. जानते हैं उनके बारे में.
इन राशियों के लिए रहेगा विशेष प्रभाव:
मेष राशि: गुरु का अस्त होना मेष राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत शुभ फलदायी हो सकता है. कार्यक्षेत्र में उन्नति की नई राहें खुलेंगी. लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है. व्यापारियों को नई साझेदारी से लाभ मिलने के प्रबल योग हैं.
कर्क राशि: लग्न भाव में गोचर के कारण कर्क राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में निखार लाने वाला रहेगा. विदेश से संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी. करियर में नई जिम्मेदारियां प्राप्त हो सकती हैं. वरिष्ठ अधिकारियों का पूर्ण सहयोग मिलने से कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा.
धनु राशि: इस राशि के जातकों के लिए गुरु की यह स्थिति आध्यात्मिक विकास की ओर ले जाएगी. लंबे समय से चल रही कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकल सकता है. अविवाहितों के लिए विवाह के सुंदर योग बन रहे हैं . करियर में वरिष्ठों का मार्गदर्शन मिलेगा.
कन्या राशि: अन्य राशियों के विपरीत, कन्या राशि के जातकों को इस अवधि में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है. आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव और खर्चों की अधिकता बनी रह सकती है. इस दौरान किसी नए व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें.
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