Bhai Dooj 2026: भाई दूज कब है, 10 या 11 नवंबर? जानें तिलक का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Bhai Dooj 2026: भाई दूज 2026 कब है, 10 या 11 नवंबर? जानें भाई दूज की सही तारीख, तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और यमराज-यमुना की पौराणिक कथा.

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भाई दूज 2026 शुभ मुहूर्त (Photo: Getty Images) भाई दूज 2026 शुभ मुहूर्त (Photo: Getty Images)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:37 PM IST

Bhai Dooj 2026 Date: दिवाली के पांच दिवसीय पर्व का समापन भाई दूज के साथ होता है. यह त्योहार भाई-बहन के प्यार, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. वहीं, भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और हर परिस्थिति में उनका साथ निभाने का वादा करते हैं. इस बार भाई दूज की तारीख को लेकर असमंजस है, क्योंकि कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि दो दिन पड़ रही है. ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 में भाई दूज कब मनाई जाएगी, तिलक लगाने का शुभ समय क्या है और इस पर्व की पूजा कैसे की जाती है. 

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भाई दूज 2026 कब है? 
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाई दूज का पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इसे यम द्वितीया और भैया दूज के नाम से भी जाना जाता है. साल 2026 में द्वितीया तिथि 10 नवंबर, मंगलवार को दोपहर 2 बजे शुरू होगी और 11 नवंबर, बुधवार को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी. 

उदया तिथि और दोपहर के अपराह्न काल को ध्यान में रखते हुए इस साल भाई दूज का त्योहार 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाया जाएगा. 

भाई दूज 2026 तिलक का शुभ मुहूर्त 
भाई दूज पर भाई को तिलक लगाने के लिए दोपहर का समय विशेष शुभ माना जाता है. पंचांग के अनुसार, 11 नवंबर को तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. इस दौरान बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत की कामना कर सकती हैं. 

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भाई दूज 2026 के प्रमुख समय:
- द्वितीया तिथि प्रारंभ: 10 नवंबर, दोपहर 2 बजे
- द्वितीया तिथि समाप्त: 11 नवंबर, दोपहर 3:53 बजे
- भाई दूज की तारीख: 11 नवंबर 2026, बुधवार
- तिलक का शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक


भाई दूज का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज के दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाना और उसके हाथों से भोजन करना शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से भाई को सुख-समृद्धि और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है. इस पर्व को यमराज और उनकी बहन यमुना के प्रेम से जोड़कर देखा जाता है. 

मान्यता है कि भाई दूज के दिन यमुना नदी में स्नान करने और यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. यही वजह है कि इस दिन को यम द्वितीया भी कहा जाता है. यह त्योहार केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और अपनापन बढ़ाने का अवसर भी है. 

भाई दूज की पौराणिक कथा 
पौराणिक कथा के अनुसार, सूर्यदेव और उनकी पत्नी संज्ञा के दो संतानें थीं, जिनका नाम यमराज और यमुना था. दोनों भाई-बहन एक-दूसरे से बहुत स्नेह करते थे. यमुना अक्सर अपने भाई यमराज को अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित करती थीं, लेकिन काम में व्यस्त रहने के कारण यमराज उनके घर नहीं जा पाते थे. 

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एक दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यमराज अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे. भाई को देखकर यमुना बेहद प्रसन्न हुईं. उन्होंने यमराज का स्वागत किया, उनके माथे पर तिलक लगाया और आरती उतारने के बाद उन्हें स्वादिष्ट भोजन कराया. 

बहन के इस प्रेम और आतिथ्य से प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना से कोई वरदान मांगने को कहा. इस पर यमुना ने वरदान मांगा कि हर साल इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाए और उससे तिलक करवाए, उसे लंबी उम्र और सुख-समृद्धि प्राप्त हो. यमराज ने अपनी बहन को यह वरदान दे दिया. तभी से कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई दूज मनाने की परंपरा शुरू हुई. 

भाई दूज 2026 की पूजा विधि (Bhai Dooj Puja Vidhi)
- भाई दूज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें. 
- घर के मंदिर में भगवान गणेश, भगवान विष्णु और यमराज का स्मरण करके पूजा करें. 
- एक पूजा की थाली तैयार करें. इसमें रोली, अक्षत, चंदन, फूल, मिठाई, दीपक और नारियल रखें. 
- शुभ मुहूर्त में भाई को साफ आसन पर बैठाएं. 
- भाई के माथे पर रोली और अक्षत से तिलक लगाएं. 
- इसके बाद भाई की आरती उतारें और मिठाई खिलाएं. 
- भाई की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए प्रार्थना करें. 
- पूजा के बाद भाई अपनी बहन को उपहार दें और उसका आशीर्वाद लें. 

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इस दिन कई परिवारों में भाई को विशेष भोजन कराने की परंपरा भी है. हालांकि, पूजा के रीति-रिवाज अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकते हैं. 

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