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अनोखे दुर्गा पंडाल! कहीं पुरानी चीजों से सजे मंडप तो कहीं दिखा मीनाक्षी मंदिर, PHOTOS

पंकज श्रीवास्तव
  • प्रयागराज,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST
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नवरात्र की आस्था पूरे देश में चरम पर है. मंदिरों से लेकर दुर्गा पूजा पंडालों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वहीं संगम नगरी प्रयागराज इस बार अपनी अनोखी थीम वाले दुर्गा पंडालों की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. कहीं बंगाल की संस्कृति की झलक है तो कहीं दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की भव्यता. कहीं बांस और ताड़ के पत्तों से तैयार की गई अद्भुत कलाकारी तो कहीं भारत माता और तिरंगे के जरिए देशभक्ति का संदेश दिया जा रहा है. इन पंडालों को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक प्रयागराज पहुंच रहे हैं.

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सबसे पहले बात अशोक नगर इलाके की यहां दुर्गा पूजा पंडाल को बंगाल की पहचान 'ढाक' यानी विशाल पारंपरिक ढोल की थीम पर तैयार किया गया है. पूरा पंडाल ढाक के स्वरूप में बनाया गया है. अंदर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जहां बंगाली समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में मां की आरती कर रहे हैं, ढाक की गूंज के बीच जयकारे लगा रहे हैं और भक्ति का अनूठा माहौल दिखाई दे रहा है.

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वहीं टैगोर टाउन का पंडाल पूरी तरह पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता नजर आता है. यहां बांस और ताड़ के पत्तों से आकर्षक सजावट की गई है. सूप, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन से जुड़ी कई कलाकृतियां तैयार की गई हैं. बिना प्लास्टिक और कृत्रिम सामग्री के बने इस पंडाल की कलाकारी लोगों को खूब लुभा रही है. यहां आने वाला हर व्यक्ति कलाकारों की मेहनत और कल्पना शक्ति की सराहना करता नजर आता है.

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दरभंगा कॉलोनी का दुर्गा पंडाल दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है. बाहर से ही मंदिर की भव्य वास्तुकला श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है. अंदर प्रवेश करते ही भगवान जगन्नाथ, भगवान शिव, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, माता सरस्वती समेत कई देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं श्रद्धालुओं का स्वागत करती हैं. बीचोबीच विराजमान मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा पूरे पंडाल की शोभा बढ़ा रही है. यही वजह है कि इस पंडाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.

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करेली इलाके का दुर्गा पंडाल लोगों को अतीत की यादों में ले जाता है. यहां ऐसी कई पुरानी चीजों को प्रदर्शित किया गया है, जिन्हें आज की नई पीढ़ी धीरे-धीरे भूलती जा रही है. विंटेज कार, कोलकाता के हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे, पुरानी चाय की केतली और बीते दौर की कई ऐतिहासिक वस्तुएं इस पंडाल की खास पहचान बनी हुई हैं. श्रद्धालु इन पुरानी यादों को कैमरे में कैद कर रहे हैं और कलाकारों की सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

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उधर धूमनगंज का दुर्गा पंडाल भक्ति के साथ-साथ देशभक्ति का संदेश भी दे रहा है. यहां भारत माता का पंडाल बनाया गया है और ऊंचाई पर तिरंगा शान से लहरा रहा है. मां दुर्गा के दर्शन के साथ भारत माता और राष्ट्रीय ध्वज का दृश्य श्रद्धालुओं में अलग ही उत्साह भर रहा है. यहां पहुंचने वाले लोग इसे आस्था और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम बता रहे हैं.

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