बचपन से हम सभी सुनते आए हैं कि लालच बुरी बला है. जब लालच हद से बढ़ जाए तो इंसान गलत रास्ते पर चल पड़ता है और उसका अंजाम भी बुरा ही होता है. राजस्थान के टोंक जिले में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां नकली सोने की चूड़ियां गिरवी रखकर लाखों रुपये का गोल्ड लोन लेने वाले 7 शातिर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक यह गैंग अलग-अलग जगहों पर इसी तरीके से वारदात कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का लोन उठा चुका था.
48 घंटे में दोबारा लोन लेने पहुंचा तो हुआ शक
मामला टोंक के मेहंदवास थाना क्षेत्र का है. लांबा चमनपुरा गांव निवासी अंकित शर्मा ने करीब नौ महीने पहले नजरबाग रोड स्थित एक गोल्ड लोन कंपनी से 40 हजार रुपये का लोन लिया था. इसके बाद 6 अगस्त को वह दोबारा उसी कंपनी में पहुंचा. इस बार उसने चार चूड़ियां गिरवी रखकर लोन लेने की बात कही.
कंपनी के मैनेजर के मुताबिक चूड़ियां देखने में बिल्कुल असली सोने जैसी लग रही थीं. टच स्टोन से जांच करने पर भी वे सही पाई गईं. अंकित पहले भी कंपनी से लोन ले चुका था, इसलिए कर्मचारियों को उस पर भरोसा था. कंपनी ने चार चूड़ियों के बदले उसे करीब 4.39 लाख रुपये का लोन दे दिया.
हालांकि, 8 अगस्त की सुबह अंकित दोबारा कंपनी पहुंचा और रुपयों की जरूरत बताते हुए अपने दोस्तों की चूड़ियां गिरवी रखने की बात कही. इस बार मैनेजर को शक हुआ. उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ चूड़ियों की गहन जांच कराई. जांच में चूड़ियां नकली निकलीं.
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
नकली सोने का राज खुलते ही कंपनी के मैनेजर ने अंकित और उसके साथियों को पुलिस के पहुंचने की जानकारी दी. इसके बाद आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगे. वे दो कारों में बैठकर फरार होने वाले थे, लेकिन पुलिस की तीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर सभी आरोपियों को दबोच लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ नकली सोने की चूड़ियां और दो लग्जरी कारें बरामद की हैं.
मेरठ से लाते थे नकली सोने की चूड़ियां
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश के मेरठ से ऐसी चूड़ियां लाते थे, जिन पर सोने जैसी चमकदार परत चढ़ी होती थी. देखने में ये चूड़ियां बिल्कुल असली सोने जैसी लगती थीं. इसके बाद गैंग के सदस्य अलग-अलग जगहों पर लोगों और गोल्ड लोन कंपनियों को अपने जाल में फंसाकर इन चूड़ियों के बदले लाखों रुपये का लोन लेते थे और रकम मिलने के बाद फरार हो जाते थे.
मेहंदवास थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि इस गैंग का मास्टरमाइंड भरतपुर जिले का रहने वाला अज़हरूद्दीन है, जो वर्तमान में जयपुर में रहता है. पुलिस के अनुसार, गैंग में जयपुर के माधोराजपुरा निवासी भंवर सिंह राजपूत, सांगानेर निवासी दीपक शर्मा, टोंक के उनियारा निवासी सिकंदर कुमावत, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के साहिबाबाद निवासी शहज़ाद, जयपुर के माधोराजपुरा निवासी भंवर लाल खारोल और टोंक के लांबा चमनपुरा निवासी अंकित शर्मा शामिल हैं.
पूछताछ में सामने आया है कि गैंग ने इसी तरीके से करीब छह अलग-अलग जगहों पर वारदात कर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का लोन लिया था. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गैंग की अन्य वारदातों और इससे जुड़े दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है.
मनोज तिवारी