राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में अवैध खनन रोकने की कोशिश कर रहे एक फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की डंपर से टक्कर लगने और घसीटे जाने से मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि ये घटना सोमवार देर रात छोटी सादड़ी वन क्षेत्र में हुई, जहां फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत एक फॉरेस्ट गार्ड के साथ अवैध खनन की सूचना मिलने पर पहुंचे थे.
इसी दौरान मिट्टी ले जा रहे डंपर को रोकने की कोशिश के दौरान चालक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी और उन्हें कई मीटर तक घसीटते हुए फरार हो गया.
अवैध खनन रोकने पहुंचे थे रेंजर
अधिकारियों के मुताबिक वन विभाग को छोटी सादड़ी क्षेत्र में अनधिकृत खनन की सूचना मिली थी. इसके बाद रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जब उन्होंने मिट्टी भरकर भाग रहे डंपर को बीच रास्ते रोकने का प्रयास किया तो बेखौफ चालक ने सीधे उन पर गाड़ी चढ़ा दी. टक्कर के बाद रेंजर अपनी बाइक समेत कई मीटर तक घिसटते चले गए और बुरी तरह लहूलुहान हो गए.
इलाज के दौरान मौत
वारदात के बाद आरोपी चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया. बेहद नाजुक हालत में चुंडावत को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर निंबाहेड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
DFO सुरेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है. फरार डंपर और उसके चालक की तलाश के लिए वन विभाग ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया है.
सुरेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत को वन विभाग की ओर से 'शहीद' का दर्जा दिए जाने की मांग की गई है.
दूसरी ओर स्थानीय निकाय चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने का हवाला देकर पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. विभाग अवैध उत्खनन की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटा है.
गोविंद सिंह डोटासरा का तीखा हमला
रेंजर की हत्या पर प्रदेश में सियासी घमासान भी छिड़ गया है. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गहरा दुख जताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधिकारी की हत्या नहीं, बल्कि राज्य के सिस्टम को खुली चुनौती है. डोटासरा ने आरोप लगाया कि खनन माफिया पूरी तरह बेखौफ हो चुका है और भाजपा सरकार का ध्यान केवल जनादेश लूटने पर है.
aajtak.in