NEET लीक के आरोपियों के 4 बच्चे कॉलेज छोड़कर गायब, अलग-अलग जगह कर रहे थे MBBS की पढ़ाई

नीट पेपर लीक मामले में बिवाल परिवार पर जांच तेज हो गई है. दिनेश और मांगीलाल के एमबीबीएस कर रहे सभी बच्चे अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों से अचानक गायब हो गए हैं. इनमें जयपुर, दौसा, मुंबई और बनारस के कॉलेज शामिल हैं. सीबीआई पहले ही तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है और नेटवर्क की जांच जारी है.

Advertisement
नीट पेपर लीक मामले में बिवाल परिवार पर जांच तेज. (Photo: ITG) नीट पेपर लीक मामले में बिवाल परिवार पर जांच तेज. (Photo: ITG)

शरत कुमार

  • जयपुर ,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

नीट-2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. इसी कड़ी में बिवाल परिवार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी के अनुसार परिवार के कई सदस्य, जो अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे, अब अपने-अपने कॉलेजों से अचानक गायब हो गए हैं. सूत्रों के अनुसार दिनेश और मांगीलाल बिवाल के बच्चे अलग-अलग राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे थे. पलक जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रही थी. प्रगति दौसा के पंडित नवल किशोर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी. सोनिया मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में और गुंजन बनारस के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थी.

Advertisement

जानकारी यह भी सामने आई है कि विकास बिवाल, जो सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़ा था, उसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. अब बाकी छात्रों के अचानक गायब होने से जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि यह सभी छात्र पिछले साल नीट-2025 परीक्षा में पास होकर अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिल हुए थे और एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे. लेकिन अब उनके कॉलेज से अचानक गायब होने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं.

बिवाल परिवार के मेडिकल छात्र कॉलेजों से अचानक गायब

सीबीआई पहले ही इस मामले में दिनेश, मांगीलाल और विकास को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच एजेंसी ने जमवारामगढ़ स्थित बिवाल परिवार के घर पर तलाशी लेकर कई अहम साक्ष्य भी जुटाए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि लीक हुआ पेपर दिनेश के बेटे ऋषि के लिए खरीदा गया था, जो नटाटा गांव के जानकी पब्लिक स्कूल में 12वीं का छात्र था. स्कूल प्रशासन के अनुसार ऋषि पढ़ाई में औसत छात्र था और उसने पहले सीकर से अपनी पढ़ाई पूरी की थी.

Advertisement

12वीं के छात्र ऋषि के लिए पेपर खरीद का खुलासा

स्कूल संचालक नेंसीराम मीणा ने बताया कि परिवार के आग्रह पर ऋषि को 12वीं में प्रवेश दिया गया था. स्कूल में नीट की कोई तैयारी नहीं करवाई जाती थी, इसलिए उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा है. अब सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर खरीदने की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई, इसमें कौन-कौन शामिल था और क्या इस पूरे नेटवर्क का संबंध मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे इन छात्रों से भी जुड़ा है. जांच एजेंसी हर पहलू को खंगाल रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »