कोटा में कोचिंग छात्रों के सुसाइड से हड़कंप, प्रशासन सख्त, DM ने कहा- छात्र हमेशा प्लान 'B' तैयार रखें

कोचिंग सिटी कोटा में लगातार दो कोचिंग छात्रों द्वारा सुसाइड की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने जिला प्रशासन, कोचिंग संचालकों और हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्षों के साथ आपात बैठक की है.

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AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर). AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).

चेतन गुर्जर

  • कोटा,
  • 13 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:44 PM IST

कोचिंग नगरी कोटा में कोचिंग छात्रों की लगातार दो आत्महत्याओं के बाद प्रशासन सख्त हो गया है. जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने जिला प्रशासन और कोचिंग संचालक हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ बैठक की है. सरकार की ओर से दी गई गाइडलाइन के बाद भी कुछ हॉस्टल और पीजी ऐसे हैं जो गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं. इसको लेकर शख्त कार्रवाई की जाएगी.

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दरअसल, हाल ही में कोचिंग छात्र अभिषेक ने पीजी में रहकर आत्महत्या कर ली थी. वहां कोई हैंगिंग डिवाइस नहीं लगी थी. हॉस्टल और पीजी संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों पर पूरी तरह से नजर रखें. वे नियमित रूप से कोचिंग क्लास जा रहे हैं या नहीं और उनके टेस्ट मार्क्स पर नजर रखें. इसके बावजूद भी छात्र आत्महत्या कर रहे हैं.

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मामले को लेकर कोटा जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने कहा कि जेईई परीक्षा को लेकर हमने प्रयास किए हैं, यह बड़ी परीक्षा है और इसमें 15 हजार छात्र हैं. हम उनकी वन टू वन मार्किंग करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि जिला प्रशासन, पुलिस, कोचिंग संस्थान और छात्रावास उन तक पहुंच सकें.

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छात्र हमेशा प्लान 'B' तैयार रखें- DM

कलेक्टर गोस्वामी ने कहा कि परीक्षा नजदीक है. लेकिन जीवन में हर दिन एक परीक्षा होती है. आईआईटी और जेईई बहुत छोटी परीक्षाएं हैं. जीवन में इससे भी बड़ी परीक्षाएं हैं. मैं सभी छात्रों से कहना चाहता हूं कि हमेशा प्लान बी तैयार रखें. किसी परीक्षा में पास होने या फेल होने के कई कारण होते हैं. जिला प्रशासन, पुलिस और हॉस्टल वाले सभी छात्रों को यही संदेश देते हैं.

कलेक्टर ने आगे कहा कि जिला प्रशासन, कोचिंग संचालकों और हॉस्टल एसोसिएशन के साथ बैठक की गई. सरकारी गाइडलाइन को लेकर छात्रों के लिए और क्या बेहतर किया जा सकता है. इन सभी बातों पर चर्चा की गई. जो हॉस्टल या पीजी सरकारी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं. उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. पीजी को लेकर सर्वे कराया जा रहा है. आज हमने कोशिश की है कि राजीव गांधी नगर इलाके में जिला प्रशासन और पुलिस साथ-साथ चले. ताकि अंदरूनी इलाकों में स्थित पीजी तक हम पहुंच सकें.

'पीजी में 1000 एंटी-हैंगिंग डिवाइस मुफ्त में लगाएंगे'

राजीव गांधी हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने कहा कि कलेक्टर के साथ बैठक हुई है. उन्होंने बताया कि पहले गेट कीपर को ट्रेनिंग दी गई थी. हॉस्टल स्टाफ और गेटकीपर छात्र के तनाव को भांप सकेंगे. अगर बच्चा खाना नहीं खाता या कोचिंग नहीं जाता और आत्महत्या करने से पहले कोई संकेत देता है तो उस पर पूरा ध्यान दिया जाएगा. हम सभी पीजी में 1000 एंटी-हैंगिंग डिवाइस मुफ्त में लगाएंगे.

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