जयपुर डॉक्टरों का चमत्कार: गर्लफ्रेंड ने काट दिया था प्राइवेट पार्ट, डॉक्टरों ने वापस जोड़ा

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक युवक को नई जिंदगी दी है. अपनी ही गर्लफ्रेंड के हमले का शिकार हुए एक 29 वर्षीय युवक के कटे हुए जननांग को प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने न सिर्फ सफलतापूर्वक जोड़ा, बल्कि 40 दिनों के गहन इलाज के बाद उसकी कार्यक्षमता को भी 100% बहाल कर दिया है.

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SMS अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने हासिल की बड़ी कामयाबी.(Photo:ITG) SMS अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने हासिल की बड़ी कामयाबी.(Photo:ITG)

विशाल शर्मा

  • जयपुर ,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:22 PM IST

जयपुर में जिस युवक का प्राइवेट पार्ट उसकी गर्लफ्रेंड ने ब्लेड से काट दिया था, उसे अब नई जिंदगी मिल गई है. करीब 40 दिन के इलाज के बाद डॉक्टरों ने न सिर्फ कटे हुए अंग को सफलतापूर्वक जोड़ दिया, बल्कि उसकी कार्यक्षमता भी पूरी तरह बहाल कर दी. जानकारी के अनुसार 31 मई को 29 वर्षीय युवक पर उसकी प्रेमिका ने ब्लेड से हमला कर उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया था. गंभीर रूप से घायल युवक करीब चार घंटे के भीतर जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंच गया. समय रहते अस्पताल पहुंचना उसकी जिंदगी और अंग दोनों को बचाने में सबसे अहम साबित हुआ.

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मरीज की हालत देखते ही एसएमएस अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई. उसी रात कई घंटे तक चली जटिल माइक्रो सर्जरी में डॉक्टरों ने कटे हुए अंग को दोबारा जोड़ा. यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि सिर्फ अंग को जोड़ना ही नहीं बल्कि उसकी सामान्य कार्यक्षमता को भी सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती थी.

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त मूत्रमार्ग, स्पॉन्जियोसम और कॉर्पोरा जैसी अत्यंत संवेदनशील संरचनाओं की सूक्ष्म और चरणबद्ध मरम्मत की. सफल सर्जरी के बाद मरीज को लगातार विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया. करीब 40 दिनों तक चले इलाज और नियमित देखभाल के बाद डॉक्टरों को बड़ी सफलता मिली.

अस्पताल के अनुसार युवक अब पूरी तरह स्वस्थ है, सामान्य रूप से मूत्र त्याग कर रहा है और उसका जननांग भी सामान्य रूप से कार्य कर रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि इस सफलता की सबसे बड़ी वजह मरीज का समय पर अस्पताल पहुंचना रहा.विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में हर मिनट कीमती होता है और देरी होने पर अंग को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है. एसएमएस अस्पताल ने इस सफलता को प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की बड़ी उपलब्धि बताया है.

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अस्पताल के अनुसार यह शाखा केवल कॉस्मेटिक सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं, गंभीर ट्रॉमा, अंग विच्छेदन, जलने की चोटों, कैंसर के बाद पुनर्निर्माण और जन्मजात विकृतियों से जूझ रहे मरीजों को फिर से सामान्य जीवन, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का काम भी कर रही है.

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