किसी भी लोकतंत्र में सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है, जब एक ही घटना के कई सच सामने खड़े हो जाते हैं. एक तरफ वायरल वीडियो हैं. दूसरी तरफ एक युवक की मौत है. एक तरफ पुलिस की कहानी है, दूसरी तरफ परिवार के आरोप हैं. एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री का शुरुआती बयान है, दूसरी तरफ न्यायिक जांच का आदेश. और इन सबके बीच आरा की सड़कों पर जलती मोमबत्तियां हैं, गुस्सा है और जवाब तलाशती आंखें हैं. देखें दंगल.