मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने कुछ देर के लिए पूरे इलाके की सांसें रोक दीं. हलालपुर मार्ग पर स्थित एक पटाखा दुकान में अचानक आग लग गई. दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे थे, इसलिए आग लगते ही धमाके होने लगे. आग की लपटें और लगातार हो रहे ब्लास्ट के बीच आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
मामला इसलिए और गंभीर हो गया, क्योंकि जिस दुकान में आग लगी, उसके ठीक पास एक पेट्रोल पंप भी मौजूद है. थोड़ी ही दूरी पर शहर का बड़ा पटाखा बाजार भी स्थित है. ऐसे में डर था कि अगर आग फैल गई तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक आधी रात के बाद अचानक पटाखा दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं. कुछ ही देर में आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया. दुकान में रखे पटाखे एक-एक कर फूटने लगे और लगातार धमाकों की आवाज आने लगी.
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धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए. कई लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी. देखते ही देखते पूरा इलाका अलर्ट मोड में आ गया. आग लगने की घटना आम नहीं थी. चिंता की सबसे बड़ी वजह थी दुकान के पास मौजूद पेट्रोल पंप. प्रशासन को डर था कि अगर आग वहां तक पहुंच गई तो हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं.
इसी खतरे को देखते हुए फायर विभाग ने मामले को हाई रिस्क मानते हुए शहर के अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजीं. दमकल कर्मियों ने सबसे पहले आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोकने पर फोकस किया.
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पटाखों के ब्लास्ट के बीच राहत और बचाव कार्य में मुश्किल आ रही थी. दमकल कर्मियों को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ा. करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. हालांकि तब तक पटाखा दुकान पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी. आग बुझने के बाद भी काफी देर तक इलाके में धुआं और बारूद की गंध महसूस की गई.
गनीमत रही कि कोई व्यक्ति चपेट में नहीं आया. इस हादसे के बाद एक बार फिर रिहायशी इलाकों में संचालित पटाखा दुकानों को लेकर बहस शुरू हो गई है. स्थानीय लोग पहले भी कई बार ऐसे कारोबारों को आबादी वाले क्षेत्रों से हटाने की मांग कर चुके हैं. लोगों का कहना है कि पटाखों जैसी ज्वलनशील सामग्री की दुकानें घनी आबादी के बीच होने से हमेशा खतरा बना रहता है. खासकर तब, जब उनके आसपास पेट्रोल पंप जैसी संवेदनशील जगहें भी मौजूद हों.
फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो पाई है. फायर विभाग और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं. यह भी देखा जाएगा कि दुकान में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. इसी के साथ इस बात की भी जांच की जाएगी कि क्या ज्वलनशील सामग्री के भंडारण से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था.
रवीश पाल सिंह