प्रेग्नेंसी में सिर्फ वर्कआउट ही नहीं, ये घरेलू काम भी महिलाओं को रखते हैं एकदम फिट! आज से ही करें शुरू

प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्तों में जिम जाना ही जरूरी नहीं, घर के रोजमर्रा के काम भी महिलाओं को पूरी तरह फिट रख सकते हैं. स्टडी में सामने आया है कि घरेलू काम और वॉक मिलाकर 86 प्रतिशत प्रेग्नेंट महिलाएं एक्सरसाइज के टारगेट को आसानी से पूरा कर लेती हैं.

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एक्टिविटीज करने से हेल्दी प्रेग्नेंसी में मदद मिलती है. (Photo: ITG) एक्टिविटीज करने से हेल्दी प्रेग्नेंसी में मदद मिलती है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

Pregnant Women Exercise: प्रेग्नेंसी में एक्टिव रहना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इससे न सिर्फ वजन कंट्रोल में रहता है बल्कि जेस्टेशनल डायबिटीज (प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली शुगर) और डिलीवरी के वक्त होने वाले कॉम्प्लिकेशन्स का खतरा भी काफी कम हो जाता है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रेग्नेंट महिलाएं वाकई तय की गई एक्सरसाइज कर पाती हैं? हाल ही में एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि यदि सिर्फ जिम या स्पेशल वर्कआउट को गिना जाए तो ज्यादातर महिलाएं फिटनेस के मामले में पीछे रह जाती हैं. लेकिन जैसे ही इसमें रोजमर्रा के घरेलू कामों को जोड़ा जाता है तो वो तय लिमिट तक एक्सरसाइज कर सकती हैं.

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जिम जाने में पीछे, पर घर के कामों में आगे

मेडिकल डायलॉग्स की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में 14,000 से ज्यादा महिलाओं पर की गई रिसर्च में पाया गया कि प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर (आखिरी तीन महीनों) में करीब 92 प्रतिशत महिलाएं वॉक, स्विमिंग या प्रीनेटल योग जैसी एक्टिविटीज तो करती हैं लेकिन उनमें से सिर्फ 28 प्रतिशत महिलाएं ही हर हफ्ते 150 मिनट की मॉडरेट एक्सरसाइज के तय किए गए टारगेट तक पहुंच पाती हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्तों में भारी वर्कआउट करना काफी मुश्किल हो जाता है जिसके कारण महिलाएं जिम या स्पेशल एक्सरसाइज से दूरी बना लेती हैं.

रोजमर्रा की एक्टिविटी से फायदा

रिसर्चर्स ने जब इस स्टडी में महिलाओं के रोजमर्रा के मूवमेंट जैसे घर के काम, साफ-सफाई, बच्चों की देखभाल, ऑफिस का काम और मार्केट जाने के लिए पैदल चलने जैसी एक्टिविटीज को शामिल किया तो पाया कि इन सभी एक्टिविटीज को जोड़कर करीब 86 प्रतिशत प्रेग्नेंट महिलाओं ने हर हफ्ते 150 मिनट एक्टिव रहने के टारगेट को आसानी से पार कर लिया.

स्टडी के मुताबिक, महिलाओं की कुल फिजिकल एक्टिविटी में आधे से ज्यादा योगदान घर के रोजमर्रा के कामों का ही था. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल और रिसर्चगेट पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, लाइफस्टाइल से जुड़ी ये छोटी-छोटी एक्टिविटीज महिलाओं को बिना किसी एक्स्ट्रा प्रेशर के एक्टिव रखने का सबसे आसान ऑपशंस हैं.

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क्या कहती है एक्सरसाइज हेल्थ गाइडलाइन?

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC), प्रेग्नेंट और पोस्टपार्टम महिलाओं को हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट की मॉडरेट-इंटेंसिटी एरोबिक एक्टिविटी करने की सलाह देती है. हालांकि, ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन (BJSM) के एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि प्रेग्नेंसी में हर तरह का मूवमेंट मायने रखता है. लेकिन इसके साथ ही यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि महिलाएं दिन भर में 6 घंटे से ज्यादा वक्त बैठकर न बिताएं. 

इंडियन हेल्थ गाइडलाइंस, जो अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट जैसे ग्लोबल स्टैंडर्ड जैसे ही हैं, उसके मुताबिक हेल्दी प्रेग्नंट महिलाओं को रोजाना 20 से 30 मिनट तक मीडियम इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करनी चाहिए या फिर हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करनी चाहिए.

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