देसी या विदेशी? किस नस्ल का कुत्ता आपको लेना चाहिए और क्यों

डॉग लवर्स हमेशा ही ब्रीड्स को लेकर खासे परेशान रहते हैं. उन्हें ये समझ में नहीं आता कि देसी या फिर विदेशी किस ब्रीड के कुत्ते को वो घर लाऐं. तो आइये नजर डालें कुछ कारकों पर और इस बात को समझें कि हमें किस नस्ल का कुत्ता लेना चाहिए.

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लोगों में एक बड़ा कन्फ्यूजन इस बात को लेकर है कि यदि वो कुत्ता लें तो किस ब्रीड का लें लोगों में एक बड़ा कन्फ्यूजन इस बात को लेकर है कि यदि वो कुत्ता लें तो किस ब्रीड का लें

बिलाल एम जाफ़री

  • नई दिल्ली ,
  • 04 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 6:42 PM IST

इस सीरीज के पिछले लेख में हमने आपको बताया था कि, अगर आप पालने के लिए घर पर कुत्ता ला रहे हैं, तो वो कौन सी बातें हैं जिनका आपको ख्याल रखना चाहिए. अब हम आपको अवगत कराएंगे उन कारकों से जिन्हें जानने के बाद आपको कुत्तों के चयन में आसानी होगी. आप इस बात का फैसला खुद कर पाएंगे कि यदि आप कुत्ता ला रहे हैं तो देसी से लेकर विदेशी तक ऐसी कौन सी ब्रीड होगी जो आपके लिए परफेक्ट रहेगी.  

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ध्यान रहे डॉग लव अपने आप में एक बहुत विस्तृत टॉपिक है. ऐसे में जब हम जिक्र डॉग लवर्स का करते हैं तो उनका हमेशा से यही मानना रहा है कि उनका कुत्ता क्यूट भी हो. साथ हो वो ऐसा भी हो जिसे जब कोई भी बाहरी व्यक्ति देखे तो वो दहल जाए. 

तमाम लोग हैं जो कुत्ता घर लाते या उसे खरीदते वक़्त इसी विचार को अपने दिमाग में रखते हैं. ऐसे में सवाल ये है कि क्या ये तरीका सही है? जवाब है नहीं. चाहे वो ब्रीड का चयन हो या फिर ये सोचना कि विदेशी कुत्ता घर लाया जाए या देसी. उससे पहले हमें अपनी जरूरतों को समझना होगा. 

हम फिर उसी बायत को दोहराना चाहेंगे कि अगर आप 1 या 2 BHK फ्लैट में दिल्ली एनसीआर या फिर अमृतसर/ लुधियाना में रह रहे हैं और आप Husky जैसी किसी ब्रीड के कुत्ते को घर जा रहे हैं तो मानिये या न मानिये लेकिन आप कुत्ते को सुख-सुविधा न देकर सिर्फ और सिर्फ कष्ट दे रहे हैं.

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बताते चलें कि ये कुत्तों की वो ब्रीड है जो हाई एल्टीट्यूड में रहती है. और जिन्हें प्रायः हम ठंडे देशों में देखते हैं. अब आप खुद बताइये जिस धड़ल्ले से हाई डिमांड के कारण ब्रीडर्स द्वारा इन कुत्तों को तैयार किया जा रहा है क्या वो सही है? बात सिर्फ हस्की की नहीं है. हम अपने आस पास ऐसे तमाम कुत्ते देखते हैं जो ज़िंदा तो हैं लेकिन किसी काम के नहीं हैं और इसके पूर्णतः जिम्मेदार हम हैं.

कुत्ता लेने से पहले हमें न केवल अपने मौसम को समझना होगा. बल्कि इस बात का भी अवलोकन करना होगा कि क्या कुत्तों को वो सुख सुविधाएं मिल पा रही हैं जिनके वो हक़दार हैं. बाकी बात कुत्तों की देसी और विदेशी ब्रीड पर हुई है. तो एक दिलचस्प बात बताना हमारे लिए बेहद जरूरी हो जाता है.

भारत की एक बड़ी आबादी विदेशी और महंगी ब्रीड्स की तरफ भागती है क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि वो कौन कौन सी इंडियन ब्रीड्स हैं जिन्हें उनके द्वारा पाला जा सकता है.क्योंकि लोगों ने भारतीय डॉग ब्रीड्स का नाम ही नहीं सुना इसलिए कुत्तों के चयन के मामले में किसी पर भी दोष को डाला नहीं जा सकता.

 इस मामले के मद्देनजर हमारा सुझाव यही है कि अगर आप कुत्ता लेने जा ही रहे हैं तो किसी विदेशी ब्रीड से बेहतर है कि आप राजपालयम, कन्नी, जोनांगी, कोम्बई, चिप्पीपरई, गद्दी जैसी ब्रीड्स पाल सकते हैं.

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जाते जाते हम एक बात जरूर कहना चाहेंगे कि चाहे वो देसी हो या विदेशी ब्रीड. कुत्ता इंसान सिर्फ अपने शौक के चलते लेता है. इसलिए जब भी आप कुत्ता लेने का प्लान करें इस बात का ख्याल जरूर रखें कि आपका शौक एक जीव की जिंदगी के साथ खिलवाड़ तो नहीं कर रहे? 

आप कुत्ता जो भी घर लाइये बस इस बात का ख्याल रहे कि उस बेजुबान जीव की दुर्गति न हो. ध्यान रहे लोग शुरूआत में तो घर आए कुत्ते से प्रेम करते हैं. लेकिन एक समय वो भी आता है जब वो उससे बोर हो जाते हैं. ऐसी स्थिति कुत्तों के लिए बहुत बुरी होती है और ज्यादातर मामलों में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है.

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