Cancer: भारत में बढ़ेगा कैंसर का प्रकोप, ICMR ने चेताया, बताईं ये वजहें

देश में पिछले कुछ सालों में कैंसर के मामलों में काफी तेजी आई है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का कहना है कि 2025 तक कैंसर के केसों में 12.7 की वृद्धि हो सकती है. कैंसर की सबसे बड़ी वजहों में धूम्रपान, तंबाकू और शराब का सेवन, मोटापा, शरीर में पोषक तत्वों और फिजिकल एक्टिविटी की कमी शामिल है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 3:29 PM IST

देश में अगले तीन सालों में कैंसर के केस तेजी से बढ़ने वाले हैं. यह दावा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने किया है. ICMR ने 2025 तक कैंसर के केसों में 12.7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने की बात कही है. पिछले कुछ सालों में भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. कैंसर के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए विशेषज्ञों ने यह दावा किया है.

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भारत में भयावह हो रहे हैं हालात
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार, 2020 में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कैंसर के अनुमानित मामले 2020 में 13.92 लाख (लगभग 14 लाख) थे जो 2021 में बढ़कर 14.26 लाख हुए और 2022 में बढ़कर 14.61 लाख पर पहुंच गए थे.

बीमारी फैलने की ये हैं प्रमुख वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, देश में हृदय रोग और सांस की बीमारियां ही नहीं बल्कि कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं. कैंसर के बढ़ते प्रसार के लिए कई तरह फैक्टर्स जिम्मेदार हैं जिसमें बढ़ती उम्र, जीवनशैली में बदलाव, व्यायाम और पौष्टिक आहार की कमी शामिल है. 

कई बार लोगों को कैंसर के लक्षणों की पूरी जानकारी नहीं होती जिससे समय पर उनमें बीमारी का पता नहीं चल पाता और इलाज में भी देरी हो जाती है. जल्दी इलाज ना मिलने के कारण कैंसर बढ़ता जाता है. इसलिए लोगों के बीच कैंसर के बारे में जागरुकता फैलाना भी बेहद जरूरी है.

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भारत में पुरुषों में ये कैंसर सबसे आम

पिछले कुछ सालों के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पुरुषों में सबसे ज्यादा मुंह और फेफड़ों के कैंसर के मामले सामने आए. वहीं महिलाओं में सबसे ज्यादा मामले ब्रेस्ट और गर्भाशय के कैंसर के रहे.

बेंगलुरु स्थित आईसीएमआर नेशनल सेंटर फॉर डिसीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च (एनसीडीआईआर) के अनुसार, 2015 से 2022 तक सभी प्रकार के कैंसर के आकड़ों में करीब 24.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 14 साल की उम्र के बच्चों में लिम्फॉइड ल्युकेमिया यानी ब्लड से जुड़े कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है. कैंसर से बचने के लिए इसके बारे में जागरूकता फैलाना जरूरी है.

इस भयानक बीमारी से कैसे बचें

कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और हेमेटोऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सुहास आग्रे के अनुसार, ''बुढ़ापा, फैमिली हिस्ट्री, जेनेटिक्स, मोटापा, तंबाकू का सेवन, शराब, वायरल संक्रमण जैसे ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी), वातावरण में केमिकल्स, प्रदूषण, सूरज की हानिकारक यूवी किरणों का संपर्क, खराब आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ हार्मोन और बैक्टीरिया इस भयानक बीमारी के फैलने के कारणों में शामिल हैं. इस बीमारी से बचने के लिए जरूरी है कि कैंसर के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.''

जैन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. तनवीर अब्दुल मजीद कहते हैं, ''भारत में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. कैंसर ना केवल बड़ी आबादी या वयस्कों को प्रभावित कर रहा है बल्कि कम उम्र के युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है. कैंसर का समय पर निदान और इलाज ना मिलने पर इंसान की मौत हो जाती है. भारत में पुरुषों में सबसे आम कैंसर मुंह, फेफड़ें, सिर और प्रोस्टेटिक कैंसर हैं जबकि महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर सबसे आम है. 

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तनवीर अब्दुल मजीद ने आगे कहा, ''कई कैंसर महिलाओं में खतरनाक रूप से बढ़ रहे हैं. मेरे अनुसार, पुरुषों में सबसे आम कैंसर मुंह, फेफेड़े और गले का है. महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा कॉमन है. इन कैंसरों का समय रहते इलाज मिलने पर मरीज की जान बच सकती है.''

सुहास आग्रे कहते हैं, '' लोगों को कैंसर से बचने के लिए तंबाकू और शराब से दूर रहना चाहिए. संतुलित आहार का सेवन करें और रोजाना व्यायाम करें. हेपेटाइटिस बी, ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के लिए टीका लगवाएं. नियमित स्क्रीनिंग और प्रदूषण दूर रहना भी जरूरी है. अगर किसी की फैमिली हिस्ट्री में यह बीमारी रही है तो उस परिवार के सदस्यों को तुरंत अपनी जांच करवानी चाहिए.''

 

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