घरों में लोग जब भी नहाने जाते हैं, तो दरवाजा बंद करते हैं. दरवाजा बंद करके नहाने का कारण सिर्फ प्राइवेसी नहीं होता, बल्कि ये भी होता है कि पानी की छींटे कमरे में बाहर ना आए. लेकिन कई बार नहाकर जैसे ही बाथरूम से बाहर निकलते हैं, तो कमरे में पानी फैला मिलता है. ये देखकर दिमाग खराब हो जाता है और लगता है मानों सारा घर का काम दोगुना हो गया. कई बार को बाथरूम से मकरे में पानी आने की समस्या रोजाना की समस्या बन जाती है. तब ये छोटी-सी परेशानी बड़ा सिरदर्द बन जाती है. खासकर जब पानी बार-बार दरवाजे के नीचे से बाहर निकलकर पूरे फर्श पर फैलने लगे. इससे सिर्फ फर्श गीला नहीं होता, बल्कि दरवाजे के आसपास नमी, सीलन और बदबू की समस्या भी शुरू हो सकती है.
ऐसी परेशानी में अक्सर लोग सोचते हैं कि अब फर्श तुड़वाना पड़ेगा या प्लंबर को बुलाना पड़ेगा. लेकिन हर बार ऐसा करना जरूरी नहीं है. अगर पानी पाइप से लीक नहीं हो रहा और दिक्कत सिर्फ बाथरूम के दरवाजे से पानी बाहर निकलने की है, तो एक छोटी-सी वॉटर बैरियर स्ट्रिप या रबर डोर सील काफी काम आ सकती है. हालांकि, इसे लगाने से पहले पानी के बाहर आने की असली वजह समझना जरूरी है.
पहले पता करें पानी बाहर क्यों आ रहा है
बाथरूम का फर्श ड्रेन की तरफ ढलान वाला होना चाहिए, ताकि पानी आसानी से नाली में चला जाए. लेकिन ढलान सही न होने, ड्रेन जाम होने या दरवाजे के नीचे ज्यादा गैप होने पर पानी बाहर आने लगता है.
इसके अलावा अगर ग्राउटिंग खराब है, फर्श के किनारे गैप, वॉटरप्रूफिंग की दिक्कत या पाइप लीकेज भी इसकी वजह हो सकते हैं. इसलिए पहले देखें कि पानी सिर्फ फर्श पर बहकर बाहर आ रहा है या कहीं अंदर से रिस रहा है.
सिर्फ दरवाजे के नीचे से पानी आता है तो लगाएं ये पट्टी
अगर बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद पानी सिर्फ दरवाजे के नीचे से बाहर आता है और कहीं सीलन या लीकेज नहीं दिखती, तो वॉटरप्रूफ डोर सील या वॉटर बैरियर स्ट्रिप लगाई जा सकती है.
ये पट्टी दरवाजे के नीचे पानी का रास्ता रोकने में मदद करती है, जिससे पानी बाहर फैलने के बजाय ड्रेन की तरफ जाता है. इससे रोज-रोज बाहर फैला पानी साफ करने का झंझट भी कम हो सकता है.
पट्टी लगाने से पहले जगह करें साफ
सीलिंग पट्टी लगाने से पहले फर्श और दरवाजे के नीचे वाले हिस्से को अच्छी तरह साफ करके पूरी तरह सुखा लें. धूल, साबुन की लेयर या पुराना सीलेंट होने पर पट्टी ठीक से चिपक नहीं पाएगी. ये भी ध्यान रखें कि पट्टी लगाने के बाद दरवाजा आसानी से खुल और बंद हो सके.
ड्रेन जाम है तो पहले उसे साफ करें
कई बार पानी बाहर आने की वजह दरवाजे का गैप नहीं, बल्कि जाम ड्रेन होता है. बाल, साबुन और गंदगी जमा होने से पानी धीरे निकलता है और फर्श पर भरकर दरवाजे की तरफ आने लगता है. इसलिए पहले ड्रेन की सफाई करें. इसके बाद भी पानी बाहर आता है, तो फर्श के ढलान को चेक कराना पड़ सकता है.
ग्राउटिंग टूटी है तो इसे भी ठीक करें
टाइल्स के बीच ग्राउटिंग टूटने या गैप बनने पर पानी अंदर पहुंच सकता है. अगर समस्या किसी एक हिस्से में है, तो उसी जगह की ग्राउटिंग दोबारा कराई जा सकती है. लेकिन अगर टाइल्स के नीचे लगातार नमी है, तो सिर्फ दरवाजे पर पट्टी लगाना काफी नहीं होगा.
दीवार या छत पर सीलन दिखे तो सावधान
बाथरूम इस्तेमाल किए बिना भी नमी बनी रहती है, दीवार का पेंट फूल रहा है या नीचे की छत पर पानी के निशान हैं, तो पाइपलाइन लीकेज या वॉटरप्रूफिंग की समस्या हो सकती है. ऐसे में सिर्फ पानी रोकने की पट्टी लगाने के बजाय लीकेज की सही वजह और जगह को चेक कराना जरूरी है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क