'पति को दीजिए हर महीने 5 हजार रुपये...', फैमली कोर्ट का पत्नी को आदेश

इंदौर के फैमली कोर्ट ने पत्नी को आदेश दिया है कि तुम्हें पति के भरण पोषण के लिए 5 हजार रुपये हर महीने देने होंगे. पीड़ित के वकील मनीष झरौला ने बताया कि पति अमन ने पत्नी नंदिनी की वजह से पढ़ाई छुटने और बेरोजगार होने का हवाला देकर कोर्ट में केस दर्ज कराया था.

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(प्रतीकात्मक फोटो) (प्रतीकात्मक फोटो)

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

  • इंदौर ,
  • 22 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:40 PM IST

इंदौर के फैमली कोर्ट ने एक हैरान कर देने वाला फैसला सुनाया. कोर्ट ने पति के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि ब्यूटी पार्लर चलाने वाली पत्नी को बेरोजगार पति को 5 हजार रुपये प्रति माह देने होंगे. पीड़ित के वकील मनीष झरौला ने बताया कि पति ने पत्नी की वजह से पढ़ाई छुटने और बेरोजगार होने का हवाला देकर कोर्ट में केस दर्ज कराया था.

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जानकारी के मुताबिक साल 2022 में लड़की ने लड़के को प्रपोज किया और कहा कि वो उससे शादी करना चाहती है. उस समय लड़का फर्स्ट ईयर में पढ़ रहा था. फिर दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली. दोनों इंदौर के किराए के घर में रहने लगे.

पति ने दिया पत्नी को हैरान कर देने वाला आदेश

पीड़ित पति ने बताया कि शादी के 1 महीने बाद से ही उसकी पत्नी लगातार उसे परेशान करने लगी थी. जिसमें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना शामिल थी. उसने अपनी पत्नी को कई बार समझाने का प्रसाय किया पर उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया. मानसिक प्रताड़ना से परेशान पति अपनी पत्नी को छोड़कर भाग गया और उज्जैन अपने माता-पिता के पास रहने लगा. 

पत्नी को बेरोजगार पति को देने होंगे हर महीने 5 हजार रुपये

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इसके बाद पत्नी ने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला और पूछताछ में उसने बताया कि वो अपने पत्नी से परेशान है. उसके साथ रहना नहीं चाहता है. फिर मामला फैमिली कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने सारी दलीलों को सुनने के बाद पत्नी को कहा कि अब तुम्हें पति को भरण पोषण के लिए 5 हजार रुपये हर महीने देने होंगे.

शादी के बाद प्रताड़ित करने लगी थी पत्नी 

अमन के अधिवक्ता मनीष झरौला ने बताया कि पत्नी को पति को भरण पोषण भत्ता देने का संभवत मध्य प्रदेश में यह पहला मामला कह सकते हैं. इसके पूर्व अन्य शारीरिक मानसिक मामलों में जरूर पत्नी को पति को भरण पोषण दिया होगा. 

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