आपने अपने आसपास कई ऐसी बातें सुनी होंगी, जिनका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है, लेकिन लोग उन्हें लंबे समय से मानते आ रहे हैं. जैसे बिल्ली के रास्ता काटने को अशुभ मानना या घर में सीटी बजाने से बचना. ऐसी मान्यताएं सिर्फ भारत में ही नहीं हैं. दुनिया के अलग-अलग देशों में भी ऐसी कई अजीब मान्यताएं हैं, जिन्हें सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. कहीं पंखा चलाकर सोने से डरते हैं तो कहीं रात में च्यूइंग गम चबाना अशुभ माना जाता है. आइए जानते हैं दुनिया के कुछ ऐसे ही अजीब अंधविश्वासों के बारे में.
दक्षिण कोरिया में पंखा चलाकर सोने से डरते हैं लोग
दक्षिण कोरिया में एक पुरानी मान्यता काफी चर्चित रही है. इसके मुताबिक रात में कमरे में पंखा चलाकर सोने से इंसान की मौत हो सकती है. हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है. इस मान्यता की वजह से कुछ लोग सोते समय पंखा बंद रखना पसंद करते हैं. यहां तक कि कुछ इलेक्ट्रिक पंखों में टाइमर की सुविधा भी दी जाती है, ताकि वे कुछ समय बाद अपने आप बंद हो जाएं. हालांकि विज्ञान के नजरिए से पंखा चलाकर सोने को मौत का कारण मानने की बात सही नहीं है.
तुर्की में रात में च्यूइंग गम चबाना अशुभ
तुर्की में च्यूइंग गम को लेकर भी एक अजीब पुरानी मान्यता है. कहा जाता है कि अगर रात में च्यूइंग गम चबाई जाए तो वह मृत इंसान के मांस में बदल जाती है. बेशक, यह सुनने में काफी डरावना लगता है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. यह सिर्फ वहां से जुड़ी एक पुरानी लोक मान्यता है.
रवांडा में महिलाओं के बकरे का मांस खाने की अजीब मान्यता
रवांडा में एक पुरानी मान्यता रही है कि अगर महिलाएं बकरे का मांस खाती हैं तो उनके चेहरे पर दाढ़ी आ सकती है. कुछ जगहों पर यह भी कहा जाता रहा है कि इससे महिलाएं ज्यादा जिद्दी हो सकती हैं. रवांडा की पारंपरिक लोक कथाओं में यह माना जाता था कि बकरे का मांस खाने से महिलाओं के चेहरे पर बाल या दाढ़ी उग सकती है. कुछ क्षेत्रों में यह भी माना जाता था कि बकरे का मांस खाने से महिलाएं अनावश्यक रूप से जिद्दी या आक्रामक हो जाती हैं, जिसे सामाजिक तौर पर सही नहीं माना जाता था.
जापान में कब्रिस्तान के पास अंगूठा छिपाते हैं लोग
जापान में अंगूठे को लेकर एक पुरानी मान्यता है. माना जाता है कि कब्रिस्तान के पास से गुजरते समय अंगूठे को हाथ की दूसरी उंगलियों के बीच छिपा लेना चाहिए. ऐसा करने से माता-पिता की रक्षा होती है, ऐसी मान्यता है. जापान में चॉपस्टिक से जुड़ी भी एक खास मान्यता है. खाने के दौरान चॉपस्टिक को चावल के कटोरे में सीधा खड़ा करके रखना अशुभ माना जाता है. इसकी वजह यह है कि ऐसा तरीका जापान में अंतिम संस्कार की परंपरा से जुड़ा हुआ है. इसलिए लोग खाने के समय ऐसा करने से बचते हैं.
लिथुआनिया में घर के अंदर सीटी बजाना क्यों मना है?
लिथुआनिया में घर के अंदर सीटी बजाने को लेकर भी एक पुरानी मान्यता है. माना जाता है कि घर में सीटी बजाने से बुरी शक्तियां आकर्षित हो सकती हैं. इसी वजह से कुछ लोग घर के अंदर सीटी बजाने से बचते हैं. हालांकि इसका भी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. यह वहां की पुरानी लोक मान्यताओं में से एक है.
रूस में पीले फूल देने से बचते हैं कुछ लोग
रूस में पीले फूलों को लेकर भी एक दिलचस्प मान्यता है. कुछ लोगों का मानना है कि किसी करीबी या पार्टनर को पीले फूल देना रिश्ते में बेवफाई का संकेत हो सकता है. इसी वजह से प्यार या रिश्ते से जुड़े मौकों पर कुछ लोग पीले फूल देने से बचते हैं. हालांकि यह हर रूसी व्यक्ति की सोच नहीं है, बल्कि एक पुरानी मान्यता के तौर पर इसे देखा जाता है.
नीदरलैंड में नमक उधार देना माना जाता है अशुभ
नीदरलैंड में भी नमक को लेकर एक पुरानी मान्यता बताई जाती है. माना जाता है कि पड़ोसी को नमक उधार देना अच्छा नहीं होता. इसके अलावा खाने की मेज पर गाना गाने को लेकर भी एक अजीब मान्यता है. कहा जाता है कि ऐसा करना शैतान के लिए गाना गाने जैसा है. इसलिए कुछ लोग इस काम से बचते हैं.
जर्मनी में पानी से टोस्ट करना क्यों अजीब माना जाता है?
आमतौर पर किसी के साथ जश्न मनाते समय लोग अपने ग्लास आपस में टकराकर टोस्ट करते हैं. लेकिन जर्मनी से जुड़ी एक पुरानी मान्यता में पानी से टोस्ट करना अच्छा नहीं माना जाता. ऐसा कहा जाता है कि अगर आप पानी से टोस्ट करते हैं तो यह सामने वाले के लिए मौत की कामना करने जैसा हो सकता है. इसी वजह से इस मान्यता को मानने वाले लोग पानी से टोस्ट करने से बचते हैं.
चीन में 4 नंबर से क्यों बचते हैं लोग?
चीन में 4 नंबर को लेकर भी एक खास मान्यता है. इसकी वजह चीनी भाषा में 4 के उच्चारण और 'मौत' के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्द के उच्चारण में समानता बताई जाती है. इसी कारण कुछ लोग 4 नंबर को अशुभ मानते हैं. कई जगहों पर इमारतों में चौथी मंजिल या कमरों की नंबरिंग में भी 4 से बचने की कोशिश की जाती है.
हर देश में अलग है मान्यताओं की दुनिया
इन सभी उदाहरणों से पता चलता है कि अंधविश्वास और पुरानी मान्यताएं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में मौजूद हैं. कहीं पंखे को लेकर डर है, कहीं किसी नंबर को अशुभ माना जाता है और कहीं किसी खास काम को करने से लोग बचते हैं. लेकिन एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि इन मान्यताओं को वैज्ञानिक सच नहीं माना जा सकता. ये मुख्य रूप से पुरानी लोक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं, जो लंबे समय से लोगों के बीच चली आ रही हैं. विज्ञान की नजर से किसी बात को सही मानने के लिए उसके पीछे ठोस सबूत होना जरूरी है.
नोट: Aajtak.in इस तरह के अंधविश्वास और पुरानी मान्यताओं का दावा नहीं करता है. यह सोशल मीडिया पर अगल-अलग वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर लिखी गई है.
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