भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से जुड़े कई दिलचस्प किस्सों की आज भी बात होती है. उनकी राजनीतिक कहानियों से अलग उनके निजी जीवन, खासकर उनके खान-पान को लेकर काफी कुछ कहा जाता है. पंडित नेहरू की जिंदगी, खासकर उनका खान-पान काफी सादगी भरा रहा है. चलिए जानते नेहरू जी खाने-पीने के मामले में कैसे थे?
भारत के प्रधानमंत्रियों के खान-पान के ऊपर किताब लिखने के वाली दो लेखिकाएं पुराबी श्रीधर और संघिता सिंह हाल ही में लल्लन टॉप के शो किताब वाला में पहुंची थीं. यहां उन्होंने अपनी किताब 'द प्राइम मिनिस्टर्स टेबल' पर बात करते हुए देश के प्रधानमंत्रियों के खान-पान, उनकी रसोई और खाने-पीने की निजी आदतों के बारे में कई अनोखी जानकारियां दी. इस दौरान उन्होंने नेहरू जी के आम खाने के तरीके के बारे में भी दिलचस्प कहानी बताई.
ऐसे आम खाते थे नेहरू जी
उन्होंने बताया कि नेहरू जी आम को काट कर नफासत से नहीं खाते थे. उनका आम खाने का तरीका एकदम देसी था. वह आम को बीच से तोड़ देते थे. फिर गुठली निकाल देते थे. इसके बाद आम को चूस- चूस कर खाते थे. इस तरह आम खाने के दौरान आम का रस हाथ से होता हुआ नीचे टपकने लगने लगता था. इस पर उनका कहना था कि अगर इस तरह से आम का रस निकालकर नहीं खाया तो आम का स्वाद ने ले पाएंगे.
अपनी किताब पर चर्चा करते हुए लेखिकाओं ने नेहरू जी की खान-पान की एक और अनोखी आदत का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि नेहरू जो को अंडा बहुत पसंद था और इसे उबालने का तरीका भी काफी हटके था. वह अंडा को हल्का क्रैक करते थे, जिससे सिर्फ सतह पर दरार आ जाए. फिर उसे गर्म पानी के कटोरे में डाल देते थे. इस तरह वह अंडा उबाल कर खाते थे.
पुराबी श्रीधर और संघिता सिंह ने अपनी किताब में जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक के खान-पान और राजनीति से हटकर भारत के सबसे ताकतवर नेताओं के उन मानवीय पहलू को दिखाया है, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं. भारत के प्रधानमंत्री खाने की मेज पर क्या पसंद करते थे? उन्हें कौन-से व्यंजन अच्छे लगते थे? वे मेहमानों की मेज़बानी कैसे करते थे और उनके परिवारों में खाने-पीने की कौन-सी परंपराएं चली आ रही थीं?
पूर्व प्रधानमंत्रियों की रसोई से जुड़ी रेसिपी, निजी किस्सों और कहानियों के ज़रिए, 'द प्राइम मिनिस्टर्स टेबल' ब्रिटिश राज के शाही दौर की रसोई से लेकर लोकतांत्रिक भारत के खान-पान के कल्चर तक के भारत के सफर को दिखाती है.
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