अगर आपके पास सड़क किनारे दुकान, खाली कमर्शियल स्पेस या अच्छी लोकेशन पर जमीन है, तो वह सिर्फ खाली पड़ी संपत्ति नहीं, बल्कि हर महीने कमाई का एक स्थायी जरिया भी बन सकती है. बहुत से लोग नहीं जानते कि बैंक और ATM ऑपरेटर अपनी मशीन लगाने के लिए प्राइवेट लोगों की प्रॉपर्टी किराये पर लेते हैं और इसके बदले हर महीने तय रकम देते हैं.
खास बात यह है कि एक बार ATM लग जाने के बाद आपको कोई बिजनेस चलाने या रोजाना मेहनत करने की जरूरत नहीं होती. किराया हर महीने आता रहता है.
ATM के लिए कैसी प्रॉपर्टी चाहिए?
हर प्रॉपर्टी पर ATM नहीं खुल सकता है. बैंक और ATM कंपनियां ऐसी जगह तलाशती हैं जहां लोगों की आवाजाही अच्छी हो. आमतौर पर मेन मार्केट और शॉपिंग एरिया, घनी आबादी वाली कॉलोनियां,रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास, अस्पताल, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों के पास और छोटे शहर और कस्बे जहां ATM की संख्या कम हो, ऐसी जगहों को प्राथमिकता दी जाती है. अगर आपकी प्रॉपर्टी ऐसी जगह पर है तो ATM लगने की संभावना बढ़ जाती है.
ATM लगाने के लिए आमतौर पर 60 से 100 वर्गफुट जगह की जरूरत होती है. इसके अलावा, जगह ग्राउंड फ्लोर पर हो, 24 घंटे वहां पहुंच संभव हो, बिजली की सुविधा उपलब्ध हो, इंटरनेट कनेक्टिविटी हो, सुरक्षा के लिए शटर और CCTV की व्यवस्था हो.कई बैंक और ऑपरेटर कंक्रीट की छत और मजबूत निर्माण वाली जगह को प्राथमिकता देते हैं.
बैंक को अपनी प्रॉपर्टी कैसे ऑफर करें?
अगर आप ATM लगवाना चाहते हैं तो सीधे संबंधित बैंक से संपर्क कर सकते हैं.इसके लिए नजदीकी बैंक शाखा में जाएं. ब्रांच मैनेजर को एप्लीकेशन दे सकते हैं. प्रॉपर्टी की फोटो और लोकेशन की जानकारी दें. प्रॉपर्टी का मालिकाना दस्तावेज जमा करें. अगर बैंक को आपकी लोकेशन पसंद आती है तो उनकी टीम साइट का निरीक्षण करेगी. साइट विजिट में सब कुछ सही मिलने पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है.
सिर्फ बैंक ही नहीं, ATM कंपनियां भी लगाती हैं मशीनें
आजकल कई व्हाइट लेबल एटीएम कंपनियां भी ATM कियोस्क लगाती हैं. इनमें इंडिया1 पेमेंट, टाटा इंडिकैश और हिटाची पेमेंट सर्विस जैसी कंपनियां प्रमुख है. आप इन कंपनियों को भी अपनी प्रॉपर्टी किराये पर देने का प्रस्ताव भेज सकते हैं.
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है?
किसी बैंक या एटीएम ऑपरेटर कंपनियों को आमतौर पर जो दस्तावेज दिए जाते हैं, उनमें प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री या मालिकाना दस्तावेज, आधार कार्ड और पैन कार्ड, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, सोसायटी या मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स की NOC (यदि जरूरी हो), प्रॉपर्टी की तस्वीरें और बिजली और अन्य सुविधाओं का विवरण.
कितना किराया मिलता है?
सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि ATM लगवाने पर कितनी कमाई होगी? यह पूरी तरह लोकेशन पर निर्भर करता है.दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो शहर में 25,000 से 60,000 रुपये या उससे भी ज्यादा एटीएम का मंथली रेंट मिल सकता है. वहीं टियर-2 शहर के लिए 15,000 से 35,000 रुपये तक रेंट मिलता है.
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अर्ध-शहरी इलाकों में एटीएम का 8,000 से 20,000 रुपया तक किराया मिल जाता है. वहीं ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में भी अच्छी कमर्शियल लोकेशन पर कई लोगों को 20,000 से 30,000 रुपये महीना या उससे ज्यादा किराया भी मिल जाता है.
कितने साल का होता है एग्रीमेंट?
ATM लगाने के लिए आमतौर पर 5 से 10 साल तक का लीज एग्रीमेंट किया जाता है. इसमें अक्सर, हर साल 5% से 10% किराया बढ़ाने का प्रावधान होता है. साथ ही सिक्योरिटी डिपॉजिट, रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी जैसी शर्तें शामिल होती हैं.
ATM लगने के बाद मशीन की देखभाल आपकी नहीं होती. बैंक या ATM ऑपरेटर खुद संभालते हैं. मशीन में कैश भरना, तकनीकी खराबी ठीक करना, CCTV और सुरक्षा सिस्टम, UPS और एयर कंडीशनिंग, बीमा और सुरक्षा व्यवस्था सब बैंक या एटीएम ऑपरेटर की जिम्मेदारी होती है.
धोखाधड़ी से रहें सावधान
ATM लगवाने के नाम पर इंटरनेट पर कई फर्जी ऑफर भी चलते हैं. इस लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जैसे कोई भी बैंक ATM लगाने के लिए आपसे फीस नहीं मांगता. किसी एजेंट को एडवांस पैसा न दें. केवल बैंक या अधिकृत ATM ऑपरेटर से ही संपर्क करें. दस्तावेज देने से पहले कंपनी की पुष्टि जरूर करें.
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रियल एस्टेट से कमाई के कई तरीके हैं, लेकिन ATM के लिए प्रॉपर्टी किराये पर देना सबसे आसान विकल्पों में से एक माना जाता है. अगर आपकी प्रॉपर्टी अच्छी लोकेशन पर है और बैंक की जरूरतों को पूरा करती है, तो वह हर महीने हजारों रुपये की अतिरिक्त आय का जरिया बन सकती है.यानी अगर आपकी दुकान या कमर्शियल स्पेस खाली पड़ा है, तो हो सकता है कि वही जगह आपके लिए बिना किसी अतिरिक्त मेहनत के नियमित कमाई का साधन बन जाए.
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